मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज विधानसभा के सेंट्रल हॉल में “सदानीरा” प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों, परंपरागत जल संरचनाओं और जलीय जीवन पर केंद्रित है।
“अमृतस्य नर्मदा” अनुभाग में नर्मदा नदी के सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिस्थितिक महत्व को दर्शाया गया है।
प्रदेश की ऐतिहासिक बावड़ियों, प्रमुख जल संरचनाओं, और उनके संरक्षण की पहल को रोचक दृश्य माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है।
जलचर (Aquatic life) के विविध रूपों को प्रदर्शित करते हुए जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के प्राणतत्व जल की महत्ता को रेखांकित किया गया है।
- “सदानीरा” प्रदर्शनी जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्भरण और सतत उपयोग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है। यह प्रदर्शनी न केवल सूचनात्मक है, बल्कि नागरिकों को प्रेरित भी करती है कि वे जल संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
- “जल ही जीवन है। ‘सदानीरा’ प्रदर्शनी प्रदेश की जल-संवेदनशील सोच और हमारी संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को एक मंच पर लाकर हमें जल-संवर्धन की दिशा में और सजग करती है।”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में “सदानीरा” प्रदर्शनी का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी 30 मार्च से 30 जून 2025 तक प्रदेशभर में आयोजित 90 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान की अद्भुत उपलब्धियों को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “जल संकल्प” विजन को साकार करने की दिशा में एक जनसहभागिता आधारित ऐतिहासिक पहल रहा है।
नदी संरक्षण वैज्ञानिक दायित्व के साथ सांस्कृतिक चेतना का भी है आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की एक अलग पहचान स्थापित की है। यह अभियान अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। अभियान की अभूतपूर्व उपलब्धियों को प्रदर्शनी के रूप में संयोजित किया गया है। यह प्रदर्शनी नदियों और जल स्त्रोतों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने का एक सांस्कृतिक प्रयास है। नदियां जलधाराएं ही नहीं, हमारी स्मृतियों, परंपराओं और जीवन की आधारशिला है। नदी संरक्षण केवल वैज्ञानिक दायित्व नहीं, अपितु सांस्कृतिक चेतना का आह्वान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के सेंट्रल हॉल तथा फोर लेन मुक्ताकाशी परिसर में केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा सदस्यों के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी।वीर भारत न्यास ने किया प्रदेश की जलीय विविधता को प्रदर्शित
प्रदर्शनी में जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों, प्रदेश की बावड़ियों, जलीय जीवन के प्राणतत्व-जलचर, अमृतस्य नर्मदा, उपग्रह की नजर से प्रदेश की प्रमुख जल संरचनाओं जैसी प्रदेश की जलीय विविधता को वीर भारत न्यास द्वारा प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय सहयोगी संस्थाएं हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की एक अलग पहचान स्थापित की है। यह अभियान अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। अभियान की अभूतपूर्व उपलब्धियों को प्रदर्शनी के रूप में संयोजित किया गया है। यह प्रदर्शनी नदियों और जल स्त्रोतों के प्रति समाज को संवेदनशील बनाने का एक सांस्कृतिक प्रयास है। नदियां जलधाराएं ही नहीं, हमारी स्मृतियों, परंपराओं और जीवन की आधारशिला है। नदी संरक्षण केवल वैज्ञानिक दायित्व नहीं, अपितु सांस्कृतिक चेतना का आह्वान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के सेंट्रल हॉल तथा फोर लेन मुक्ताकाशी परिसर में केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा सदस्यों के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी।