मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम में कहा कि पाञ्चजन्य समय से पहले चेतावनी देने और धर्म के मार्ग पर चलने का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पाञ्चजन्य भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक है और अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहा है। डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप में उज्जैनी के संदीपनि आश्रम में प्राप्त शिक्षा-दिक्षा के योगदान को भी गर्व का विषय बताया।
