मेला ग्राउंड में भटकी 3 साल की बच्ची को पुलिस ने आधे घंटे में परिजनों से मिलवाया
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत मेला ग्राउंड में चल रहे 70वें मेला महोत्सव के दौरान एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया, जहां एक 3 वर्षीय बालिका अपने परिजनों से बिछड़ गई। लेकिन छतरपुर पुलिस की सतर्कता और संवेदनशीलता के चलते बच्ची को मात्र आधे घंटे के भीतर उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवा दिया गया।
पुलिस द्वारा मेला परिसर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनज़र विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। “चक्षु अभियान” के तहत मेला परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और पुलिस बल लगातार भ्रमणशील है। मेला स्थल पर पुलिस सहायता केंद्र भी सक्रिय है।
इसी दौरान पुलिस को एक छोटी बच्ची लावारिस हालत में मिली, जो अपने माता-पिता से बिछड़ चुकी थी। पुलिस ने बच्ची को स्नेहपूर्वक संरक्षण में लिया और तुरंत पुलिस सहायता केंद्र से अनाउंसमेंट कराया। साथ ही मेला परिसर में पुलिस टीम द्वारा परिजनों की तलाश शुरू की गई।
लगातार प्रयासों के बाद कुछ ही समय में बच्ची के परिजन मिल गए और विधिवत बच्ची को उन्हें सौंप दिया गया। बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने छतरपुर पुलिस की त्वरित एवं मानवीय कार्यवाही के लिए आभार जताया।
गौरतलब है कि जिले के विभिन्न मेलों में बीते एक महीने के भीतर पुलिस टीम ने 15 से अधिक भटके हुए बालक-बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाया है, जो पुलिस की सजगता और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।
इस सराहनीय कार्यवाही में
थाना प्रभारी नौगांव निरीक्षक वाल्मीकि चौबे,
सहायक उप निरीक्षक भूरेलाल,
प्रधान आरक्षक जयकुमार,
आरक्षक कुलदीप, कमलेश, सत्येंद्र एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
👉 छतरपुर पुलिस का यह मानवीय चेहरा आम जनता में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और मजबूत कर रहा है।
