छतरपुर। बुधवार को जिला कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन ने एमपी-यूपी सीमा पर स्थित उर्मिल डैम एवं सिंहपुर बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने जल स्तर की स्थिति का जायजा लिया और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीणों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने महोबा (उ.प्र.) के सिंचाई प्रखंड कार्यालय में हुई बैठक में सहायक कलेक्टर श्री आशीष पाटिल, एसडीएम श्री जी.एस. पटेल, जल संसाधन विभाग की ईई लता वर्मा, तथा यूपी के तहसीलदारों से चर्चा की। बैठक में डैम की स्थिति, कैचमेंट एरिया, गेट खोलने की प्रक्रिया और जल वितरण की रणनीति पर समन्वय किया गया।
महत्वपूर्ण निर्देश
डैम का जल स्तर नियंत्रित करते हुए दिन के समय गेट खोलने के निर्देश दिए गए, ताकि गांवों में समय रहते मुनादी कराई जा सके और लोगों को सतर्क किया जा सके।
एमपी और यूपी के अधिकारियों को गेट खोलने संबंधी सूचना त्वरित और समन्वित तरीके से साझा करने के निर्देश।
डैम पर लगे आपातकालीन सायरन को बजाकर उसकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया।

जल संसाधन विभाग को अगले सात दिनों तक हर तीन घंटे में डैम की स्थिति की रिपोर्ट भेजने के निर्देश।
ग्रामीणों से संवाद व राहत मुआवजा वितरण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर व एसपी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पटवारियों को सर्वे की जानकारी ग्रामीणों को पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शेष बचे मुआवजे शीघ्र वितरित किए जाएं।
कृषि और पशुधन सहायता
कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों को तिल और उड़द के मिनीकिट्स वितरित किए जाएं। इसके अलावा उन्होंने पशु हानि की जानकारी लेते हुए एक ग्रामीण को मनरेगा के तहत पशु शेड स्वीकृत कराने की बात कही।
डब्ल्यूआरडी को डैम पर अगले 20-25 दिनों तक नियमित कर्मचारी तैनात रखने तथा गेट खोलने की सूचना मुनादी के जरिए ग्रामीणों को देने के निर्देश दिए गए
