छतरपुर- जी हां मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के डाकखाने के पास पोस्ट ऑफिस के बगल में डॉक्टर एसके चौरसिया और लता चौरसिया अपने क्लीनिक संचालित करते हैं जिन्होंने अपने सगे भतीजे श्रीकांत चौरसिया को मेडिकल संचालित करवाया और मेडिकल पर गरीब मरीज को लूटने(दवा)के एवज में हर माह 50 से 60,हजार रुपये डॉक्टर साहब लेते थे और स्टाफ की सैलरी भी दी मेडिकल संचालक देता था लेकिन कुछ समय से मेडिकल घाटे में चल रहा था जिस कारण डॉक्टर साहब के पास कमीशन सही समय पर नहीं पहुंचा जिसके लिए डॉक्टर साहब ने मेडिकल संचालक भतीजे को घर पर बुलाया और मेडिकल बंद कराने की बात करते हुए मां की गालियां देने लगे और जान से मारने की धमकी दी मारपीट कर दी जिसका विरोध किया तो डॉक्टर साहब ने अपने ही सगे भतीजे पर सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज करवा दिया वहीं मेडिकल संचालक श्रीकांत चौरसिया का कहना है कि जब मैं सिविल लाइन थाने रिपोर्ट लिखवाने गया तो पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।

