जिलेभर में कैम्प के माध्यम से बनाई गई फॉर्मर आईडी
कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने विगत दिनों जिलेभर के कृषकों की फार्मर आईडी बनाए जाने के संबंध में राजस्व अधिकारियों के साथ वी.सी. के माध्यम से समीक्षा कर शिविर लगाए जाने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के परिपालन में 7 मार्च से शुरु हुए कैम्प 19 मार्च 2025 तक ग्रामस्तर पर लगाए जाएंगे। शुक्रवार को जिले भर में रोस्टर अनुसार तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। जिसमें कृषकों की फॉर्मर आईडी बनाई गई और खसरा को आधार से लिंक करने की कार्यवाही की गई। शिविर के सफल संचालन और कार्य में प्रगति बनाए रखने के लिए राजस्व संबंधित अधिकारियों द्वारा शिविरों का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों द्वारा ग्राम बारी, छतरपुर, पड़रिया, निवारी और भगवां, खमरिया, नयागांव, बिजावर, चुरारन, राजनगर, नारायणपुर, टहनगा, चिरई पुरवा, अंधियारी बारी, हटवाहा, देवरा, बंधा, नेगुवां, धवारी, रजपुरा, बम्होरीपुरवा, किशुनपुर, सड़वा, बिकौरा, पुतरी, खदेहा, सरवई, पुरवा, बम्होरी, मोतीगढ़, बल्कौरा, मुड़वारा, टेड़ीकबरी, गोपालपुरा, चंदनपुरा, उर्दमऊ, बैदार, ऊजरा, मड़ीखेरा, महौईखुर्द, मझगुवां कला, रानीताल, किशनपुर कुही, देवपुर, अमा, सिंगपुर, माधोपुर, पाली, मड़वा, चिरवारी, छापर, देवीखेड़ा आदि ग्राम पंचायत में लगाए गए शिविरों का निरीक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक कृषक भूमिस्वामी को एक यूनिक आईडी भारत सरकार द्वारा जनरेट कर प्रदान किया जा रहा है, ताकि कृषकों को आसानी से केसीसी ऋण कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
मार्च 2025 के बाद पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी होना अनिवार्य है।
