केन्द्रीय सहकारी बैंक रात को क्यों खुला, महाप्रबंधक ने दिया स्पष्टीकरण*
अरविन्द जैन
छतरपुर। बीती रात को केन्द्रीय सहकारी बैंक के खोले जाने को लेकर बवाल मचा था कि बैंक में चोर घुसे हुए हैं। आनन फानन में बैंक के महाप्रबंधक को रात को बैंक में आना पड़ा और पत्रकारों और अधिकारियों को स्पष्टीकरण देना पड़ा। केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक आरएस भदौरिया ने बताया कि सीएम हाउस से एक जानकारी आनन फानन में मंगाई गई थी। जिसके संबंध में बैंक के सहायक प्रबंधक सुरेश रावत, कमलेश तिवारी के द्वारा जानकारी एकत्रित की जा रही थी। भदौरिया ने बताया कि कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा के द्वारा ट्वीट किया गया था कि छतरपुर जिले में डिकौली समिति में केसीसी एवं किसान कर्ज माफी की राशि में व्यापक तौर पर घोटाला किया गया है। यह ट्वीट सीएम हाउस के अधिकारियों ने पंजीयक को भेजा पंजीयक ने सागर जेआर को भेजा जेआर ने सारी जानकारी महाप्रबंधक से तत्काल मांगी। क्येांकि मामला सीएम हाउस का था इसलिए देर रात को बैंक में कर्मचारी अंदर थे। मगर एक अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बैंक में बाहर आकर कुछ पत्रकारों को बुलाकर यह अफवाह फैलाई बैंक में हुई फर्जी नियुक्ति की फाइलें गायब हो रही हैं और उनमें हेरफेर किया जा रहा है। इस संबंध में महाप्रबंधक का कहना है कि जो भी नियुक्तियां थीं वह पहले ही निरस्त की जा चुकी हैं। वर्तमान मामला ढिकौली का था। ढिकौली में एक ही परिवार के 12 सदस्यों को कर्ज दिया गया था। एवं इस समिति में कर्ज माफी की चार करोड़ 83 लाख रुपए की राशि किसानों के खाते में समायोजित की गई थी। इस संबंध में बैंक के अध्यक्ष करुणेन्द्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि रात्रि को हमारी बैंक के अंदर जो अनाधिकृत व्यक्ति घुसा था उसकी कैमरे से सीसीटीवी फोटेज निकलने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और बैंक में आवश्यक काम होने पर बैंक रात्रि में खुलता है। चूंकि यह जिला का मुख्यालय का बैंक है। करुणेन्द्र प्रताप सिंह ने नियुक्तियों के संबंध में बताया कि बैंक में चार सदस्यीय कमेटी के द्वारा सहायक प्रबंधकों को समिति प्रबंधक बनाया गया था और शासन के द्वारा जो गाइड लाइन थी उसके अनुसार यह नियुक्तियां की गई थीं और शासन ने ही इन नियुक्तियों को निरस्त किया तो हमारे द्वारा भी नियुक्तियां निरस्त कर दी गई हैं। फिलहाल जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक इस समय चर्चा कर विषय बना हुआ है। इस संबंध में ढिकौली समिति प्रबंधक हरिओम अग्रिहोत्री ने दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारे परिवार के 12-13 सदस्य किसान हैं और किसानों को ऋण देना समिति का दायित्व है और जो कर्ज माफी की राशि शासन से प्राप्त हुई थी वह किसानों के कर्ज के खाते में समायोजित की दी गई है किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी समिति के द्वारा नहीं की गई है।

