छतरपुर प्रशासनिक बैठक
छतरपुर में विकास, स्वच्छता और पर्यावरण सरंक्षण से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलेभर के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। आइए जानते हैं इस बैठक में क्या कुछ अहम निर्णय लिए गए।
📍 जिला पंचायत सभाकक्ष, छतरपुर
छतरपुर कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में टीएल बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत तपस्या परिहार, एडीएम मिलिंद नागदेवे, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम सहित तमाम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
(B-roll: बैठक के दृश्य, अधिकारियों की उपस्थिति, कलेक्टर निर्देश देते हुए)
🌳 “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान पर विशेष ज़ोर
बैठक में कलेक्टर ने पौधरोपण अभियान की समीक्षा करते हुए वायुदूत ऐप पर पौधरोपण की फोटो अपलोड करने को अनिवार्य बताया।
कम प्रगति पर नौगांव सीएमओ, जीएम डीआईसी और वेयर हाउस प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, वहीं श्रम निरीक्षक का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
🐄 15 अगस्त तक आवारा पशु गोशालाओं में होंगे शिफ्ट
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 15 अगस्त तक सभी आवारा गौवंश को गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए। गोठान निर्माण और पशु कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
💧 जल जीवन मिशन और सड़कों की मरम्मत पर निर्देश
जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए जल निगम को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द करने की बात भी कही गई।
📲 ई-केवाईसी और शिकायतों का निराकरण शीघ्र करें
कलेक्टर ने समग्र ई-केवाईसी की प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को 80 प्रतिशत से अधिक प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
वहीं सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों, राजस्व अवमानना, हिट एंड रन मामलों सहित सभी प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की समीक्षा
15 अगस्त को जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह को भव्य रूप देने के लिए सभी विभागों को आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। ध्वजारोहण, अमृत सरोवरों पर आयोजन और सभी प्रमुख स्थलों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
📑 लोक सेवा गारंटी उल्लंघन पर कार्रवाई
बैठक में लोक सेवा गारंटी के तहत समय पर सेवाएं न देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
तहसीलदार ईशानगर पर ₹1000 की तथा अन्य नायब तहसीलदारों पर ₹500 की पेनाल्टी अधिरोपित की गई। उद्यानिकी अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
जिला प्रशासन द्वारा जनहित से जुड़ी योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में यह बैठक एक ठोस प्रयास है। अब देखना होगा कि निर्देशों का जमीनी असर कितना तेज़ होता है। छतरपुर से [आपका नाम], [आपके चैनल/संस्था का नाम] के लिए।
