छतरपुर। जिले में रबी मौसम 2025 के लिए किसानों को फसल की बुवाई हेतु पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध हैं। उपसंचालक कृषि ने बताया कि जिले में 2 रैक यूरिया और 1 रैक डीएपी की लगातार आवक बनी हुई है।
इस साल रबी मौसम में जिले में 74500 मीट्रिक टन उर्वरक की मांग प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से अब तक 44902 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया जा चुका है और 25723 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया गया है।
किसानों को सुगमता पूर्वक उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सेवा सहकारी समितियों में लगातार वितरण जारी है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में अब तक 6 एफ.आई.आर और 6 उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जा चुके हैं।
नकली उर्वरक बनाने, कालाबाजारी और अवैध विक्रय करने वालों के खिलाफ भी लगातार कार्यवाही की जा रही है।

किसानों को नगद उर्वरक वितरण हेतु जिले में 12 विक्रय केंद्र खोले गए हैं। ये केंद्र छतरपुर, नौगांव, हरपालपुर, गढ़ीमलहरा, राजनगर, बमीठा, लवकुशनगर, चंदला, बिजावर, बड़ामलहरा, घुवारा और बकस्वाहा में स्थित हैं। किसान टोकन के माध्यम से इन केंद्रों से उर्वरक खरीद सकते हैं।
वर्तमान में जिले में कुल 19178 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। उपलब्धता इस प्रकार है:
यूरिया: 4701 मीट्रिक टन
एन.पी.के: 7505 मीट्रिक टन
सुपर फॉस्फेट: 6029 मीट्रिक टन
पोटास: 156 मीट्रिक टन
टीएसपी और डीएपी: 750 मीट्रिक टन
