नौगांव (छतरपुर)।
ग्राम संग्राम कला के ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीण बबलू कुशवाहा ने बताया कि कक्षा पहली से पांचवीं तक बच्चों की पढ़ाई नहीं होती। शिक्षक मोबाइल देखते-देखते सो जाते हैं और बच्चों को पढ़ाने के बजाय उन्हें डांटते और डराते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक खुद को “ऊपर तक पहुंच वाला” बताते हुए कहते हैं —
“हमारी बात मुख्यमंत्री तक होती है, हमें कोई ट्रांसफर नहीं कर सकता।”
बबलू कुशवाहा ने बताया कि स्कूल में करीब 150 बच्चे हैं, लेकिन पिछले 25 साल से पढ़ाई का माहौल नहीं है। बच्चों ने भी अब स्कूल जाना लगभग छोड़ दिया है। गांव वालों ने बताया कि शिक्षक रमेश और धर्मदास के खिलाफ कार्रवाई और दोनों के ट्रांसफर की मांग की जा रही है ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके।
ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन से आग्रह किया है कि
“स्कूल में नियमित शिक्षक भेजे जाएं और बच्चों के भविष्य को अंधकार से बाहर निकाला जाए।”

