जिले की जेल में बंद निरक्षर कैदियों के जीवन में अब शिक्षा की रोशनी जगने जा रही है। भारत सरकार की उल्लास नवभारत साक्षरता योजना के तहत जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसके अंतर्गत जेल में बंद कैदियों को पढ़ाया जाएगा।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया के मार्गदर्शन में जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी शिवेन्द्र निगम और जिला समन्वयक शफीक अहमद ने जिला जेल पहुंचकर 30 असाक्षर कैदियों को चिन्हित किया। इस दौरान जेल में पदस्थ शिक्षक उवेश कुमार को शिक्षण सामग्री प्रदान की गई और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई।
इन कैदियों को मार्च 2026 में होने वाली परीक्षा में शामिल किया जाएगा। सफल होने पर उन्हें एनआईओएस द्वारा कक्षा 3 की अंकसूची प्रदान की जाएगी, जिससे वे आगे की पढ़ाई की ओर भी बढ़ सकेंगे। वहीं, इस कार्य में योगदान देने वाले शिक्षक को राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक दिलीप सिंह और सहायक जेल अधीक्षक मनीष त्यागी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिक्षा कार्यक्रम जिले की अन्य जेलों में भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे बंदियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सके।
