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दिवाली से पहले दिल्ली की सड़कों पर जाम का कहर

दिवाली के त्योहारी मौसम में दिल्ली की सड़कों पर भीड़ और जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मूलचंद फ्लाईओवर पर घंटों तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा शक्ति को मार्गदर्शन देने के लिए प्रदेश के युवाओं का कुंभ कराया जाए। इसे ज्ञान महाकुंभ नाम दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम एक बार महाविद्यालयों में बड़े वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाए और विद्यार्थियों के साथ उनका जीवंत संवाद एवं समूह चर्चा आयोजित की जाए। इससे युवाओं के विज्ञान और तकनीक संबंधी ज्ञान में वृद्धि होगी। युवाओं में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर संभाग में सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता कराएं। इससे हमारे युवा देश-दुनिया में हो रहे नवाचारों और नई जानकारियों से अवगत होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की स्टेट लेवल पर ग्रेडिंग कराई जाए और तीन श्रेणियों में क्रमश: सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालय, सर्वश्रेष्ठ प्राचार्य एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में पुरस्कृत करने की परम्परा भी प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। रोजगारपरक शिक्षा और शोध कार्यों को दें प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को भारतीय ज्ञान परम्पराओं पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा दिए जाने पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालयों में शोध केंद्र स्थापित कर शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ऐसे क्षेत्रों में, जहां नए महाविद्यालय खोलने की अत्यंत आवश्यकता है, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में, अधिकाधिक महाविद्यालय खोले जाएं। इससे जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को निकट स्थान पर उच्च शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संदर्भ में वर्ष 2021-22 में हुए अखिल भारतीय सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) अखिल भारतीय औसत से अधिक आया है। इस क्षेत्र में अखिल भारतीय सकल नामांकन अनुपात 28.4 प्रतिशत है, जबकि मध्यप्रदेश 28.9 प्रतिशत आया है। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रयासों का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के 1282 गोद लिए गए गाँवों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को जनजागरूकता गतिविधियों से जोड़ा गया है। प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और जारी वित्त वर्ष में 100 नए शोध केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश के 27 महाविद्यालयों को स्वशासी महाविद्यालय का दर्जा एवं 8 स्वशासी महाविद्यालयों को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही 23 जिला मुख्यालयों में नए विधि महाविद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य भी तय किया गया है। अधिकाधिक महाविद्यालयों में संचालित करें बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के अधिकाधिक महाविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं। इससे विद्यार्थियों की कृषि एवं कृषि आधारित प्र-संस्करण उद्योगों में रूचि बढ़ेगी। इस तरह का नवाचार करने के मामले में मध्यप्रदेश को मॉडल स्टेट बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक चयनित हुए सभी महाविद्यालयों में इसी सत्र से बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रम की पढ़ाई प्रारंभ करें। प्रदेश के सभी 55 जिलों प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संचालित हैं, इनमें से 37 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में 7 प्रकार के रोजगार आधारित डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में करीब 1200 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दो शिफ्ट में कॉलेज लगाने के निर्देश, सेमेस्टर सिस्टम भी जारी रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को महाविद्यालयों में दो शिफ्ट में अध्यापन कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम भी आवश्यकतानुसार जारी रहे। इससे विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के शिक्षा पूरी करने में आसानी होगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि हम विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति को उनके क्रेडिट स्कोर से जोड़ रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ रही है। शासकीय विश्वविद्यालयों में म.प्र. लोक सेवा आयोग से ही कराएं प्राध्यापकों की भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री उत्कृष्टता महाविद्यालयों में अब तक की प्रगति और विकास की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से ही की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के अंतर्गत सेमेस्टर के माध्यम से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की टास्क फोर्स/शीर्ष समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। विश्व बैंक प्रोजेक्ट में महाविद्यालय में कंप्यूटर लैब और अन्य सभी जरूरी विकास कार्य कराए जाएं। विकसित मध्यप्रदेश@2047 बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में हम विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर हैं। राज्य सरकार द्वारा युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने साम्यता एवं पहुंच, शोध एवं नवाचार, उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों, महाविद्यालयों, संस्थाओं एवं शिक्षण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के मानक बिंदु तय कर लिए हैं। हम तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तेजी से अग्रसर हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा एयरपोर्ट से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शहडोल संभाग के उद्योगपतियों से संवाद किया। शहडोल में 16 जनवरी को आयोजित हो रही रीजनल इन्वेस्टर्स मीट के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए बड़ी संख्या में निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। अब तक तीन लाख 75 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनसे लगभग 84 हजार रोजगार के सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग में भी अब तक 20 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। हमारे लिए 10 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव अथवा एक करोड़ का , दोनों समान हैं। संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टर आगामी दो दिनों में स्टार्ट-अप के लिए नए उद्यमियों को तैयार करें। यह वर्ष प्रदेश में उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्टर्स मीट से इसके लक्ष्यों की प्राप्ति होगी। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेश के विकास के साथ-साथ हमारे लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाई जा रही है। आप सबको मैं मकर संक्रांति की बधाई देता हूं। आज जलशक्ति योजना के तहत उज्जैन में जल संरक्षण के बड़े कार्य का शुभारंभ किया गया है। जल संरक्षण इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता और हम सबकी जिम्मेदारी है। हर गांव और खेत में पानी की सुविधा मिलने पर पूरा प्रदेश समृद्ध हो जाएगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्र, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, जिला भाजपाध्यक्ष डॉ अजय सिंह भी उपस्थित रहे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शहडोल और उमरिया जिले के उद्योगपति बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें शहडोल जिले के शारदा स्टील के उद्योगपती बी रामा राव, अल्ट्राटेक माइनिंग के सैय्यद कादिरी, एसएम प्राईमल प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रकाश रसतोगी, वाईएनए इंडस्ट्रीज बुढ़ार के सानउल्ला खान, जय कन्हैयालाल इंडस्ट्रीज के नवनीत सिंघानिया तथा दिव्याश्री इन्फ्रा सोलर सिस्टम एसेम्बली एण्ड इरेक्सन के उद्योगपति कमल बजोरिया शामिल रहे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में उमरिया जिले के अग्रवाल स्टोन क्रेशर के उद्योगपति सहर्ष अग्रवाल, सदगुरू ट्रेडर्स के सुनील गुप्ता, एसएस इंटरप्राइजेज के सर्वज्ञ सोनी, ऋधान राइस मिल के राकेश सिंह तथा त्रिवेणी ट्रेडर्स के उद्योगपति कीर्ति कुमार सोनी शामिल रहे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अनूपपुर जिले के जेएमएस माइनिंग के उद्योगपति एस भट्टाचार्य, कमला राइस मिल के साहिल अग्रवाल, एमजी एग्रो इंडस्ट्रीज के अविनाश अग्रवाल, ओरिआईल्स प्राइवेट लिमिटेड के अवधेश मिश्रा तथा अरिंदम आर्गेनिक के उद्योगपति संजीत गुप्ता शामिल रहे।

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