स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कही जाने वाली आशा कार्यकर्ता बहनों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। दीपावली जैसे महापर्व के ठीक पहले जब हर घर रोशनी से जगमगा रहा है, तब ये बहनें अपने अधिकार के लिए अंधेरे में खड़ी हैं।
बुधवार को छतरपुर में जिले भर की शहरी और ग्रामीण आशा कार्यकर्ता पदाधिकारी बहनें एकत्रित हुईं। उन्होंने बताया कि दो महीने से प्रोत्साहन राशि का भुगतान अधूरा है — कुछ को टुकड़ों में राशि दी गई, जबकि कई के खाते में अब तक एक रुपया भी नहीं पहुँचा।

