धीरेंद्र शास्त्री पांच दिन के एकांतवास के बाद वापस आज शाम अपने धाम लौट आए हैं. एकांतवास के बाद आज खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचें बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने अपने द्वारा लिखी गई एक किताब के संदर्भ में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि, बाला जी की कृपा से एकांतवास के दौरान उनके पुस्तक लेखन का कार्य पूरा हो गया है , उनके द्वारा जो यह किताब लिखी गई है वह खासतौर से सनातन को लेकर और 12वीं तक के बच्चों में सनातन और हिंदुत्व को लेकर नव जागृति पैदा करने के लिए लिखी गई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जीवन में मैंने एक सूत्र सीखा है कि जब ताली बजती है, तो गाली भी मिलती है।
सनातन धर्म पर लिखी किताब —
किताब के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि,12वीं तक के बच्चों में धर्म व सनातन के प्रति आस्था के साथ एक नया चिंतन पैदा हो सहित विभिन्न अन्य कई और मुद्दों को लेकर संदर्भित यह एक किताब है। इस किताब का विमोचन एक से डेढ़ माह के अंदर हो जाएगा और किताब लिखने के लिए वह एकांतवास में कहां थे यह भी विमोचन के बाद इस किताब के माध्यम से ही खुलासा होगा। वहीं उन्होंने खजुराहो के पर्यटन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित रूप से खजुराहो का पर्यटन फले-फूले और उसके लिए उनके द्वारा जो भी प्रयास संभव होगा जरूर करेंगे।

