पीएम स्वनिधि योजना से बदली हल्कीबाई कुशवाहा की तकदीर
छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में नगरपालिका परिषद छतरपुर द्वारा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के अंतर्गत पथ विक्रेताओं को निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में सटई रोड, संध्या विहार निवासी 45 वर्षीय सब्जी विक्रेता हल्कीबाई कुशवाहा की जिंदगी में इस योजना ने नया बदलाव लाया है।
हल्कीबाई अपने पति मुकुन्दी कुशवाहा के साथ सब्जी विक्रय का कार्य करती हैं। इस छोटे से व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 11 से 15 हजार रुपये की आय होती है। चार सदस्यीय परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए आर्थिक तंगी के कारण वे पांचवीं कक्षा तक ही शिक्षा प्राप्त कर सकीं और कम उम्र में ही परिवार के भरण-पोषण में जुट गईं।
🌿 लॉकडाउन में टूटा सहारा, योजना बनी संजीवनी
कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन से उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गया था। पूंजी समाप्त हो जाने के कारण दोबारा दुकान शुरू करना कठिन हो गया। इसी बीच नगरपालिका परिषद द्वारा पीएम स्वनिधि योजना का प्रचार-प्रसार किया गया। प्रेरित होकर हल्कीबाई ने ऑनलाइन आवेदन किया, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच छतरपुर ने स्वीकृत करते हुए 10 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया।
उन्होंने इस राशि से पुनः व्यवसाय शुरू किया और समय पर ऋण चुका दिया। इसके बाद उन्हें क्रमशः 20 हजार रुपये और फिर 50 हजार रुपये का ऋण भी मिला। वर्तमान में वे 50 हजार रुपये की राशि की किश्त नियमित रूप से जमा कर रही हैं।
💪 आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
इस आर्थिक सहायता से उनका व्यवसाय सशक्त हुआ और परिवार की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया। साथ ही उन्हें आयुष्मान कार्ड, खाद्यान्न योजना और ब्याज अनुदान का भी लाभ मिल रहा है।
हल्कीबाई कहती हैं, “पीएम स्वनिधि योजना हमारे परिवार के लिए संजीवनी साबित हुई है।” उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
📌 यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर छोटे व्यापारी भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने परिवार का भविष्य संवार सकते हैं।
