आलीराजपुर10 मिनट पहले
कॉपी लिंक
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत गरीबों को शासन की ओर से दिया जाने वाला राशन कम दिया जा रहा है। परिवारों का आरोप है कि परिवार के प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन दिए जाने के प्रावधान है। लेकिन हमें कम राशन मिल रहा है। गरीबों के राशन की कालाबाजारी के साथ-साथ अब जिले में गरीबों को नकली यानी प्लास्टिक के चावल भी वितरित किए जा रहे हैं।
भ्रमण के दौरान देखने को मिली लापरवाही- विधायक
इसी बीच मौके पर क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि आखिर भाजपा के राज में इस जिले में कब तक गरीब लोगों को इस तरह से छला जाएगा। विधायक पटेल ने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र भ्रमण के दौरान सोंडवा विकासखंड के ग्राम उमरेठ से जानकारी मिली कि शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक ने पात्रता पर्ची अनुसार राशन नहीं दिया।
राशन कार्ड धारकों को कम राशन दिया जा रहा है। विधायक पटेल ग्राम उमरेठ सोसाइटी दुकान पर पहुंचे और वितरण किए गए राशन का वजन करवाया। इसमें पात्रता पर्ची में 6 सदस्य है, प्रति सदस्य 5 किलो के मान से 30 किलो राशन दिया जाना था, लेकिन 20 किलो ही राशन दिया गया। साथ ही राशन दुकान पर आए ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों को प्रत्येक माह ऐसे ही कम मात्रा में राशन दिया जाता है।
विधायक पटेल ने बताया कि जिले में राशन घोटाले की घटना लगातार बढ़ती जा रही है। इससे यह प्रतीत होता है कि जिले में खाद्य विभाग का राशन घोटालेबाजों को पूर्ण संरक्षण होने से राशन घोटालेबाज और ठेकेदारों के हौसले बुलंद है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राशन जो वेयरहाउस में जहां से भी आता है वहां से ही बिल्टी अनुसार कम वजन में आता है या फिर वेयरहाउस से जो सोसाइटी दुकानों में जाता है।

यह एक बहुत बड़ा गंभीर विषय है
विधायक ने कहा कि राशन घोटाले के संबंध में मैंने और कई जनप्रतिनिधियों ने लिखित पत्रों और समाचार पत्रों के माध्यम से अवगत कराया। बावजूद इसके प्रशासन अभी तक राशन घोटाले पर कोई लगाम नहीं लगा पा रहा है। यह बहुत गंभीर विषय है।
खबरें और भी हैं…
