गंगोत्री से कलश यात्रा लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिलने छतरपुर पहुंची एमबीबीएस छात्रा शिवरंजनी तिवारी ने एक बार फिर से अपनी पदयात्रा शुरु कर दी है। 46 दिन की इस यात्रा के आखिरी पड़ाव में शिवरंजनी ने मौन व्रत धारण कर लिया है। यहां से आगे अब वह 35 किलोमीटर की यात्रा करके बागेश्वर धाम पहुंचेंगी और यहां अपना व्रत खोलेंगी। शिवरंजनी ने धीरेंद्र शास्त्री को लेकर कहा था कि वे चाहे एकांतवास में जाए, चाहे अज्ञातवास में जाए। मुझे बालाजी सरकार में विश्वास है, उनके दर्शन तो होकर रहेंगे। वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एकांतवास में चले गए हैं। वे अगले 5 दिन एकांत में रहकर सनातन धर्म पर किताब लिखेंगे।

