Breaking News

भारतीय परंपरा का मूल “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः”

भारतीय संस्कृति में नारी को सदा ही शक्ति, विद्या और सृजन का प्रतीक माना गया है। भारतीय परंपरा का मूल “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” की अवधारणा है। हमारी प्राचीन सभ्यता में गार्गी, मैत्रेयी से रानी चैनम्मा, पुण्यश्लोका रानी अहिल्याबाई होल्कर और वीरांगना लक्ष्मीबाई जैसी नारियों ने न केवल समाज को दिशा दी, बल्कि अपने समय में नेतृत्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

भारतीय संस्कृति में महिलाओं को हमेशा सम्मान और उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल में वेदाध्ययन, राजनीति और धर्मशास्त्र में महिलाओं की भागीदारी देखी गई। देवी सरस्वती, देवी लक्ष्मी और माँ दुर्गा के रूप में नारी को विद्या, समृद्धि और शक्ति का स्वरूप माना गया है। इतिहास गवाह है कि महिलाओं ने प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

आज की महिलाएँ सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल और व्यापार में भारतीय महिलाओं ने अपनी सशक्त पहचान बनाई है। कल्पना चावला, पीटी ऊषा, पी.वी. सिंधु, किरण मजूमदार शॉ, फाल्गुनी नायर, साइना नेहवाल, एमसी मैरीकॉम और नंदिनी हरिनाथ जैसी महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों हासिल की हैं।

मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़कर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ चला रही है। इससे वे आत्मनिर्भर बन रही है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएँ प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएँ शुरू की गईं। इनसे समाज में क्रांतिकारी बदलाव आया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना. मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, महिला हेल्पलाइन एवं स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाएँ महिलाओं के जीवन को बेहतर बना रही हैं।

इसके अलावा, केन्द्र सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है। हाल ही में संसद में महिला आरक्षण विधेयक पास किया गया। इससे अब लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो महिला नेतृत्व को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।

महिलाएँ आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। सरकार की नीतियों, योजनाओं और समाज के बदलते दृष्टिकोण ने महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। भारतीय संस्कृति में सदैव नारी को सम्मान मिला है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की नीतियों से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनने का अवसर मिल रहा है। अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प लें ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।

Related posts

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा एयरपोर्ट से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शहडोल संभाग के उद्योगपतियों से संवाद किया। शहडोल में 16 जनवरी को आयोजित हो रही रीजनल इन्वेस्टर्स मीट के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए बड़ी संख्या में निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। अब तक तीन लाख 75 हजार करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनसे लगभग 84 हजार रोजगार के सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग में भी अब तक 20 हजार करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। हमारे लिए 10 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव अथवा एक करोड़ का , दोनों समान हैं। संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टर आगामी दो दिनों में स्टार्ट-अप के लिए नए उद्यमियों को तैयार करें। यह वर्ष प्रदेश में उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इन्वेस्टर्स मीट से इसके लक्ष्यों की प्राप्ति होगी। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेश के विकास के साथ-साथ हमारे लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाई जा रही है। आप सबको मैं मकर संक्रांति की बधाई देता हूं। आज जलशक्ति योजना के तहत उज्जैन में जल संरक्षण के बड़े कार्य का शुभारंभ किया गया है। जल संरक्षण इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता और हम सबकी जिम्मेदारी है। हर गांव और खेत में पानी की सुविधा मिलने पर पूरा प्रदेश समृद्ध हो जाएगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्र, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, जिला भाजपाध्यक्ष डॉ अजय सिंह भी उपस्थित रहे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शहडोल और उमरिया जिले के उद्योगपति बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें शहडोल जिले के शारदा स्टील के उद्योगपती बी रामा राव, अल्ट्राटेक माइनिंग के सैय्यद कादिरी, एसएम प्राईमल प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रकाश रसतोगी, वाईएनए इंडस्ट्रीज बुढ़ार के सानउल्ला खान, जय कन्हैयालाल इंडस्ट्रीज के नवनीत सिंघानिया तथा दिव्याश्री इन्फ्रा सोलर सिस्टम एसेम्बली एण्ड इरेक्सन के उद्योगपति कमल बजोरिया शामिल रहे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में उमरिया जिले के अग्रवाल स्टोन क्रेशर के उद्योगपति सहर्ष अग्रवाल, सदगुरू ट्रेडर्स के सुनील गुप्ता, एसएस इंटरप्राइजेज के सर्वज्ञ सोनी, ऋधान राइस मिल के राकेश सिंह तथा त्रिवेणी ट्रेडर्स के उद्योगपति कीर्ति कुमार सोनी शामिल रहे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अनूपपुर जिले के जेएमएस माइनिंग के उद्योगपति एस भट्टाचार्य, कमला राइस मिल के साहिल अग्रवाल, एमजी एग्रो इंडस्ट्रीज के अविनाश अग्रवाल, ओरिआईल्स प्राइवेट लिमिटेड के अवधेश मिश्रा तथा अरिंदम आर्गेनिक के उद्योगपति संजीत गुप्ता शामिल रहे।

khabarsamayper

गढ़ी मलहरा थाना पुलिस ने अवैध वसूली के लिए मारपीट कर फरार दो आदतन अपराधियो को अवैध शराब के साथ किया गिरफ्तार*

khabarsamayper

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल वासियों से 19 जनवरी को आयोजित होने वाली ऑर्मी मैराथन में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।

khabarsamayper

Leave a Comment