मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गो-माता और गो-पालन का हमारी सनातन संस्कृति में विशेष महत्व है। जो गो-पालन करता है वह गोपाल है और जहां गो-पालन होता है वह गोकुल है। उन्होंने बताया कि गो-संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
सरकार समाज के सहयोग से निरंतर कार्य कर रही है ताकि मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालक किसानों की आय दोगुनी की जा सके।
वर्तमान में प्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में लगभग 9 प्रतिशत योगदान देता है, और सरकार का लक्ष्य इसे 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
इसी दिशा में प्रदेशभर में ‘दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशु चिकित्सक गांव-गांव जाकर पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य और पशु पोषण के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
