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राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय, राजपीपला का किया दौरा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति प्रधानमंत्री की संकल्पना को बताया प्रेरणादायी

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय, राजपीपला का किया दौरा
जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के प्रति प्रधानमंत्री की संकल्पना को बताया प्रेरणादायी

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला स्थित भगवान बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।


🌿 जनजातीय संस्कृति के संरक्षण का केंद्र बने विश्वविद्यालय

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि “बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना का सजीव प्रतीक है।”
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया, छात्रावास में जाकर विद्यार्थियों की आवास व्यवस्था और सुविधाओं की समीक्षा की तथा विश्वविद्यालय के विकास कार्यों पर प्रबंधन से चर्चा की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने “एक पेड़ – मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।


🎓 विश्वविद्यालय जनजातीय शिक्षा और नवाचार का केंद्र

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने राज्यपाल को बताया कि यह संस्थान जनजातीय कला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, औषधीय प्रणालियों और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण व विकास के लिए समर्पित है।
उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली समाज के व्यापक पुनर्जागरण में योगदान दे सकें।”

डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जल्द ही मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल-आधारित शिक्षा जैसे विषयों में स्नातक से लेकर पीएचडी स्तर तक के कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना बना रहा है।


📘 स्थापना और उद्देश्य

भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 में की गई थी।
इसका उद्देश्य गुजरात और अन्य विकासशील जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के माध्यम से परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक- अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है।
विश्वविद्यालय जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास हेतु —

  • तकनीकी, कौशल-आधारित और व्यावसायिक शिक्षा,

  • प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला और संस्कृति,

  • पारंपरिक मूल्य प्रणालियों एवं औषधीय ज्ञान
    के क्षेत्र में शैक्षणिक अवसर प्रदान कर रहा है।

यह संस्थान जनजातीय क्षेत्रों की प्राकृतिक संपदा, वनस्पति, जीव-जंतु, पारंपरिक औषधीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ प्रौद्योगिकी उन्नयन और अनुसंधान कार्यों को भी प्रोत्साहित कर रहा है।


📸 भगवान बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय का दौरा राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के जनजातीय उत्थान और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक समरसता के संदेश को नई दिशा देता है।

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