सीमेंट, कंक्रीट और निर्माण सामग्री पर 18वें एनसीबी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी के दौरान भारतीय सीमेंट उद्योग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए
सीमेंट, कंक्रीट और निर्माण सामग्री पर 18वां एनसीबी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी 29 नवंबर 2024 को यशोभूमि सम्मेलन केंद्र, आईआईसीसी द्वारका, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की अपर सचिव और वित्तीय सलाहकार, सुश्री आरती भटनागर ने ऊर्जा उत्कृष्टता, ऊर्जा प्रदर्शन में सुधार, पर्यावरण उत्कृष्टता, सकल गुणवत्ता उत्कृष्टता और एकीकृत सीमेंट संयंत्रों में प्रवाहमान अर्थव्यवस्था प्राप्त करने और सीमेंट पीसने वाली इकाइयों में ऊर्जा और पर्यावरण उत्कृष्टता के क्षेत्र में भाग लेने वाले सर्वश्रेष्ठ सीमेंट संयंत्रों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने भारतीय सीमेंट उद्योग को जल संरक्षण और प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए भी बधाई दी।
सुश्री भटनागर ने भारतीय निर्देशक द्रव्य (बीएनडी) जारी किया। यह एनसीबी द्वारा भारत के एनपीएल, एनएमआई के सहयोग से निर्मित जिप्सम मानक की एक भारतीय प्रमाणित संदर्भ सामग्री है। बीएनडी ‘भारत में निर्मित’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और अंतर्राष्ट्रीय सीआरएम के आयात को समाप्त करेगा एवं विदेशी मुद्रा बचाने में सहायक होगा। इस अवसर पर सीमेंट संयंत्र संचालन पर एनसीबी दिशा निर्देश मानदंडों के 8वें संस्करण का भी विमोचन किया गया। सुश्री भटनागर ने सम्मेलन के साथ-साथ आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी का भी दौरा किया और सम्मेलन में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स से बातचीत की।
एनसीबी के महानिदेशक डॉ. एल.पी. सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सम्मेलन में सभी हितधारकों की ओर से 1160 प्रतिनिधियों, 600 से अधिक आगंतुकों और 140 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान 21 तकनीकी सत्रों में 150 तकनीकी पत्र प्रस्तुत किए गए और 08 पोस्टर सत्रों में 70 पोस्टर डिजिटल रूप से प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य और रणनीतिक सलाहकार श्री महेंद्र सिंघी ने सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत विशेष पत्रों को योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए। एनसीबी के महानिदेशक ने यह भी बताया कि एनसीबी इनक्यूबेटेड स्टार्टअप “जीरो कार्बन” की मदद से सम्मेलन के कार्बन फुटप्रिंट की मात्रा निर्धारित करेगा और कार्बन डाईआक्सॉइड उत्सर्जन की भरपाई करेगा।
ये पुरस्कार 1987 में प्रथम एनसीबी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में दिए गए सुझाव पर आरंभ किए गए थे और उद्योग मंत्रालय के प्रयास से ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार की योजना वर्ष 1986-87 से आरंभ की गई थी। इस सम्मेलन का आयोजन डीपीआईआईटी, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक शीर्ष अनुसंधान एवं विकास संगठन- राष्ट्रीय सीमेंट और निर्माण सामग्री परिषद (एनसीबी) ने किया।
