ऐतिहासिक जल संरचनाओं को सहजने प्रशासन के प्रयासों पर माफिया फेर रहे पानी
छतरपुर रियासत में बनाई गई चंदेल कालीन बेहर को ध्वस्त कर किया गया जमींदोज
स्थानीय रहवासियों के विरोध के बाद भी नहीं माने भू माफिया, जिला प्रशासन से होगी शिकायत
छतरपुर। रियासत कालीन समय में छतरपुर की आवाम को पेयजल समस्या से न जूझना पड़े के लिए समय-समय पर गद्दीनशीन राजाओं द्वारा विभिन्न स्थानों पर जल संरचना का निर्माण कराया गया जो की अपने आप में अद्भुत है और इनकी शिल्प कला भी बेमिसाल है लेकिन समय के साथ भू माफियाओं ने अवैध आर्थिक लाभ पाने के लिए इन संरचनाओं को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है जहां एक ओर शासन प्रशासन ऐसी जल संरचनाओं को सहजने का प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर भू माफियाओं द्वारा इन्हें जमींदोज किया जा रहा है।
शासन प्रशासन ऐतिहासिक महत्व की जल संरचनाओं को सहेजने के लिए बेहद गंभीर है लेकिन ईदगाह के पीछे नूरानी कॉलोनी में भूमाफिया द्वारा तकरीबन 300 साल पुरानी बेहर को नष्ट कर जमीन में दफन कर दिया गया है और अब उक्त जमीन को भेजा जा रहा है इस तरह वह माफिया द्वारा थोड़ी सी फायदे के लिए ऐतिहासिक महत्व की बेहर को नष्ट कर दिया गया है। यह पहला मामला नहीं है बल्कि मुक्तिधाम के सामने भी कई समाधिया बनी हुई थी इसे भी नष्ट कर यहां पर आवासीय प्लाटिंग की जा चुकी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नूरानी कॉलोनी जो की ईदगाह के पीछे स्थित है मैं एक बहुत बड़ी बेहर हुआ करती थी और इसका पानी बेहद स्वच्छ और मीठा था स्थानीय लोगों के मुताबिक उक्त पानी का सेवन उनके द्वारा किया गया है यहां तक की मकान निर्माण में भी इस बेहर के पानी का इस्तेमाल भी किया गया लेकिन विगत रोज भू माफिया द्वारा उक्त करीब 300 साल पुरानी बेहर पर जेसीबी चलवा कर उसे मिट्टी में दफन कर दिया गया हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया गया तो स्थानीय लोगों को दबंगी दिखाकर मुंह बंद कर दिया गया हालांकि अब स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोलने का मूड बना लिया है और जल्द ही उनके द्वारा प्रशासन से शिकायतें कर बेहर को पुनः पूर्ण स्वरूप दिलाने की मांग की जाएगी।
प्रशासन बेहर को पूर्ण स्वरूप दिलाकर, आरोपियों के खिलाफ करें कडी कार्यवाही: नेहा सिंह
राष्ट्रीय मानवाधिकार सेवा संगठन की जिला अध्यक्ष नेहा सिंह ने भूमाफियाओं द्वारा किए गए कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें बताया गया था कि चंदेल कालीन बेहर पर जेसीबी चला कर उसे जमीन में मिला दिया गया है जिन लोगों द्वारा भी इस तरह का कृत्य किया गया है उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए। नेहा सिंह नेहा के बताया कि प्रशासन के आला अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराते हुए मांग रखी जाएगी कि बेहर को पूर्ण स्वरूप दिलाने के साथ शहर में जितने भी अति प्राचीन जल संरचनाएं हैं उन्हें भी पूर्ण स्वरूप प्रदान किया जाए।

