धीरेन्द्र शास्त्री राजगढ कथा में कलश यात्रा के दौरान बाल हनुमान द्वारा जम कर दिखाए गुस्से और कथा में व्यापक स्तर पर फैली अव्यवस्थाओं जहां VIP भक्तों को भी पंडाल में बैठने की जगह नहीं मिल रही है की वज़ह से चर्चा में बने हुए हैं। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की वर्तमान में राजगढ में 5 दिवसीय हनुमंत कथा चल रही है। जानकारी के अनुसार भाजपा युवा मोर्चा मंडल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष व राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक पंडित हरिचरण तिवारी के पुत्र अंशुल तिवारी ने कुछ दिनों पूर्व ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात कर उन्हें राजगढ़ में कथा करने का निमंत्रण दिया था, जिसको स्वीकार कर धीरेन्द्र शास्त्री राजगढ मे कथा करने आए हैं। जून माह की 25 तारीख से 29 तारीख तक कुल चार दिन की बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा का भव्य आयोजन खिलचीपुर के स्टेडियम ग्राउंड में चल रहा है, जिसमें 25 जून को 30 हजार से अधिक महिलाएं एक ही परिवेश में कलश यात्रा में शामिल हुई जो कि विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं हैं साथ ही जब धीरेन्द्र शास्त्री कलश यात्रा के लिए अपनी कार से रैली कर रहे थे तभी कुछ लोगों ने बाल हनुमान के रूप में सजे एक बच्चे को बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए उनकी गाड़ी पर चढ़ा दिया, शोर व भीड़ से परेसान बच्चे ने माला पहनाने की कोशिश करने पर बाबा को जम कर गुस्सा दिखाया।
वहीं अगर व्यवस्थाओं की बात की जाए तो पहले दिन ही ये हाल रहा कि कथा के लिए की गई तमाम व्यवस्थाएं नाकाम साबित रहीं हैं, आम श्रद्धालुओं की बात अगर ना भी की जाए तब भी विशिष्ट और अतिविशिष्ट कार्ड धारक भक्तों को भी पंडाल में बैठने को जगह नहीं मिल। बताया जा रहा है कि आयोजकों ने बाबा की पिछली कथाओं में जुटे भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए 5 लाख लोगों के अंदाज़े को लेकर उनके बैठने, खाने-पीने और ठहरने तथा वाहन पार्किंग की व्यवस्थाएं की थीं, भक्तों की तादाद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि समान्य श्रद्धालुओं को ही नहीं वरन VIP भक्तों को भी पंडाल के बाहर बैठना पड़ रहा है, पुलिस द्वारा उन्हें अंदर बिठाया जाना था लेकिन पहले दिन का ही ये हाल है कि पुलिस ने भी हाथ खड़े कर दिए मध्यप्रदेश में मॉनसून का आगमन हो चुका है तेज हवा और बारिश को लेकर भी प्रशासन की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है फिर भी भीड़ में किसी तरह की कोई कमी नहीं आई। आप सभी को बता दें कि तमाम अव्यवस्थाओं के बाद भी धीरेन्द्र शास्त्री ने अपनी 5 दिनों की इस कथा तीसरे दिन अपना दिव्य दरबार लगाकर भक्तों की समस्याओं का निराकरण किया साथ ही उन्होंने फिल्म आदिपुरुष के मेकर्स को भागवन राम और हनुमान जी को नेगेटिव रोल में दिखाने के लिए फटकार भी लगाई।
