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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण से चित्रकूट का तीव्र गति से विकास हो सकेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चित्रकूट धाम का विकास अयोध्या की तरह ही जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज कुंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बहुत अच्छे प्रबंध किए हैं। इसके परिणाम भी दिख रहे हैं। प्रयागराज के महाकुंभ की व्यवस्थाओं से बड़े मेलों के लिए आवश्यक प्रबंधन सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले के साथ पवित्र चित्रकूट धाम के विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों के प्रस्ताव और अनेक सुझाव मिले हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर चित्रकूट धाम में भगवान श्रीराम के ऐतिहासिक काल को जोड़ते हुए, यहां के वैभव को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में विकास संबंधी बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि विकास के कई प्रस्तावों पर केन्द्रित एक कार्य योजना भी तैयार की जा रही है। बैठक में प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर चित्रकूट की महिमा, पुराना वैभव एवं गौरव को दृष्टिगत रखते हुए विकास के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक आदि जन-प्रतिनिधि बैठक में शामिल रहे। जन-प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के कुंभ में भेजा गया है अधिकारियों का दल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ में व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारी भेजे हैं। इसके बाद वर्ष-2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने जा रहा है। अलग-अलग खगोलीय घटनाएं होती हैं जिनके के आधार पर इनका नाम महाकुंभ और सिंहस्थ नाम होता है। ये विश्व के सबसे बड़े मेले हैं। हम उम्मीद करेंगे कि इन मेलों से हमारे प्रबंध बड़े से बड़े स्थान में की गई व्यवस्था सुव्यवस्था में बदले और छोटे स्थानों और धार्मिक मेलों में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं कैसे दे सकते हैं, इसके लिए क्रियान्वयन का रास्ता तैयार होता है। यह चित्रकूट में लघु रूप में ही क्यों न हो, यह प्रबंधन से सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है आधुनिक तकनीक का लाभ लेते हुए बेहतर प्रबंधन से शासन, सुशासन में बदलें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि प्रयागराज कुंभ सभी के लिए फलदायी हो। विशेष रूप से सनातन धर्म में प्रत्येक 12 साल में अलग-अलग स्थानों पर वैचारिक अनुष्ठान का जो यह महा आयोजन होता है, हमारी धार्मिक दृष्टि से भी उसका विशेष महत्व है।

चित्रकूट विकास प्राधिकरण गतिशील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण से चित्रकूट का तीव्र गति से विकास हो सकेगा। सभी योजनाओं का लाभ सभी को मिले और चित्रकूट की ख्याति भव्य रूप में बने इस पर गंभीर रूप से विचार-विमर्श किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चित्रकूट धाम का विकास अयोध्या की तरह ही जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज कुंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बहुत अच्छे प्रबंध किए हैं। इसके परिणाम भी दिख रहे हैं। प्रयागराज के महाकुंभ की व्यवस्थाओं से बड़े मेलों के लिए आवश्यक प्रबंधन सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले के साथ पवित्र चित्रकूट धाम के विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों के प्रस्ताव और अनेक सुझाव मिले हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर चित्रकूट धाम में भगवान श्रीराम के ऐतिहासिक काल को जोड़ते हुए, यहां के वैभव को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में विकास संबंधी बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि विकास के कई प्रस्तावों पर केन्द्रित एक कार्य योजना भी तैयार की जा रही है। बैठक में प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर चित्रकूट की महिमा, पुराना वैभव एवं गौरव को दृष्टिगत रखते हुए विकास के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक आदि जन-प्रतिनिधि बैठक में शामिल रहे। जन-प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के कुंभ में भेजा गया है अधिकारियों का दल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ में व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारी भेजे हैं। इसके बाद वर्ष-2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने जा रहा है। अलग-अलग खगोलीय घटनाएं होती हैं जिनके के आधार पर इनका नाम महाकुंभ और सिंहस्थ नाम होता है। ये विश्व के सबसे बड़े मेले हैं। हम उम्मीद करेंगे कि इन मेलों से हमारे प्रबंध बड़े से बड़े स्थान में की गई व्यवस्था सुव्यवस्था में बदले और छोटे स्थानों और धार्मिक मेलों में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं कैसे दे सकते हैं, इसके लिए क्रियान्वयन का रास्ता तैयार होता है। यह चित्रकूट में लघु रूप में ही क्यों न हो, यह प्रबंधन से सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है आधुनिक तकनीक का लाभ लेते हुए बेहतर प्रबंधन से शासन, सुशासन में बदलें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि प्रयागराज कुंभ सभी के लिए फलदायी हो। विशेष रूप से सनातन धर्म में प्रत्येक 12 साल में अलग-अलग स्थानों पर वैचारिक अनुष्ठान का जो यह महा आयोजन होता है, हमारी धार्मिक दृष्टि से भी उसका विशेष महत्व है।

चित्रकूट विकास प्राधिकरण गतिशील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण से चित्रकूट का तीव्र गति से विकास हो सकेगा। सभी योजनाओं का लाभ सभी को मिले और चित्रकूट की ख्याति भव्य रूप में बने इस पर गंभीर रूप से विचार-विमर्श किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चित्रकूट धाम का विकास अयोध्या की तरह ही जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज कुंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बहुत अच्छे प्रबंध किए हैं। इसके परिणाम भी दिख रहे हैं। प्रयागराज के महाकुंभ की व्यवस्थाओं से बड़े मेलों के लिए आवश्यक प्रबंधन सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले के साथ पवित्र चित्रकूट धाम के विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों के प्रस्ताव और अनेक सुझाव मिले हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर चित्रकूट धाम में भगवान श्रीराम के ऐतिहासिक काल को जोड़ते हुए, यहां के वैभव को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में विकास संबंधी बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि विकास के कई प्रस्तावों पर केन्द्रित एक कार्य योजना भी तैयार की जा रही है। बैठक में प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर चित्रकूट की महिमा, पुराना वैभव एवं गौरव को दृष्टिगत रखते हुए विकास के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक आदि जन-प्रतिनिधि बैठक में शामिल रहे। जन-प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के कुंभ में भेजा गया है अधिकारियों का दल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ में व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारी भेजे हैं। इसके बाद वर्ष-2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने जा रहा है। अलग-अलग खगोलीय घटनाएं होती हैं जिनके के आधार पर इनका नाम महाकुंभ और सिंहस्थ नाम होता है। ये विश्व के सबसे बड़े मेले हैं। हम उम्मीद करेंगे कि इन मेलों से हमारे प्रबंध बड़े से बड़े स्थान में की गई व्यवस्था सुव्यवस्था में बदले और छोटे स्थानों और धार्मिक मेलों में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं कैसे दे सकते हैं, इसके लिए क्रियान्वयन का रास्ता तैयार होता है। यह चित्रकूट में लघु रूप में ही क्यों न हो, यह प्रबंधन से सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है आधुनिक तकनीक का लाभ लेते हुए बेहतर प्रबंधन से शासन, सुशासन में बदलें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि प्रयागराज कुंभ सभी के लिए फलदायी हो। विशेष रूप से सनातन धर्म में प्रत्येक 12 साल में अलग-अलग स्थानों पर वैचारिक अनुष्ठान का जो यह महा आयोजन होता है, हमारी धार्मिक दृष्टि से भी उसका विशेष महत्व है।

चित्रकूट विकास प्राधिकरण गतिशील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण से चित्रकूट का तीव्र गति से विकास हो सकेगा। सभी योजनाओं का लाभ सभी को मिले और चित्रकूट की ख्याति भव्य रूप में बने इस पर गंभीर रूप से विचार-विमर्श किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चित्रकूट धाम का विकास अयोध्या की तरह ही जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज कुंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बहुत अच्छे प्रबंध किए हैं। इसके परिणाम भी दिख रहे हैं। प्रयागराज के महाकुंभ की व्यवस्थाओं से बड़े मेलों के लिए आवश्यक प्रबंधन सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले के साथ पवित्र चित्रकूट धाम के विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों के प्रस्ताव और अनेक सुझाव मिले हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर चित्रकूट धाम में भगवान श्रीराम के ऐतिहासिक काल को जोड़ते हुए, यहां के वैभव को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट में विकास संबंधी बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए बताया कि विकास के कई प्रस्तावों पर केन्द्रित एक कार्य योजना भी तैयार की जा रही है। बैठक में प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर चित्रकूट की महिमा, पुराना वैभव एवं गौरव को दृष्टिगत रखते हुए विकास के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक आदि जन-प्रतिनिधि बैठक में शामिल रहे। जन-प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के कुंभ में भेजा गया है अधिकारियों का दल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ में व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारी भेजे हैं। इसके बाद वर्ष-2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने जा रहा है। अलग-अलग खगोलीय घटनाएं होती हैं जिनके के आधार पर इनका नाम महाकुंभ और सिंहस्थ नाम होता है। ये विश्व के सबसे बड़े मेले हैं। हम उम्मीद करेंगे कि इन मेलों से हमारे प्रबंध बड़े से बड़े स्थान में की गई व्यवस्था सुव्यवस्था में बदले और छोटे स्थानों और धार्मिक मेलों में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं कैसे दे सकते हैं, इसके लिए क्रियान्वयन का रास्ता तैयार होता है। यह चित्रकूट में लघु रूप में ही क्यों न हो, यह प्रबंधन से सीखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है आधुनिक तकनीक का लाभ लेते हुए बेहतर प्रबंधन से शासन, सुशासन में बदलें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि प्रयागराज कुंभ सभी के लिए फलदायी हो। विशेष रूप से सनातन धर्म में प्रत्येक 12 साल में अलग-अलग स्थानों पर वैचारिक अनुष्ठान का जो यह महा आयोजन होता है, हमारी धार्मिक दृष्टि से भी उसका विशेष महत्व है।

चित्रकूट विकास प्राधिकरण गतिशील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण से चित्रकूट का तीव्र गति से विकास हो सकेगा। सभी योजनाओं का लाभ सभी को मिले और चित्रकूट की ख्याति भव्य रूप में बने इस पर गंभीर रूप से विचार-विमर्श किया गया है।

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