आज हम आपको एक महत्वपूर्ण खबर से अवगत कराने जा रहे हैं। एमपी नगर थाने में बुधवार को भिक्षावृत्ति (भीख मांगने और देने) के खिलाफ पहली बार एफआईआर दर्ज की गई है।
यह कार्रवाई समाजसेवी मोहन सोनी की शिकायत पर की गई है। मोहन सोनी ने भिक्षावृत्ति की वीडियोग्राफी करके अधिकारियों को सूचित किया और थाने में शिकायत दर्ज कराई।मोहन सोनी, जो एकता नगर कोहेफिजा निवासी हैं और एक अशासकीय समाज सेवी संस्था में सचिव के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने भिक्षावृत्ति की गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने इस संबंध में वीडियो सबूत भी जुटाए और पुलिस को सौंपे।पुलिस ने प्राथमिक तौर पर बीएनएस (भारतीय नागरिक संहिता) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह धारा भिक्षावृत्ति से संबंधित अपराधों के लिए लागू होती है।बता दें कि इससे पहले भी एक युवक और एक भिक्षुक के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने झगड़े का मामला दर्ज किया था। हालांकि, भिक्षावृत्ति के खिलाफ यह पहली बार है कि पुलिस ने इतनी सख्त कार्रवाई की है।पुलिस का कहना है कि भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए और जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं। मोहन सोनी की यह पहल समाज में एक नई बहस छेड़ सकती है और भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक समस्या को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।
