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डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत “नक्शा”(“NAKSHA” National Geospatial Knowledge-based Land Survey of Urban Habitations) कार्यक्रम शुरू किया है।

केन्द्रीय भूमि संसाधन विभाग ने डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत “नक्शा”(“NAKSHA” National Geospatial Knowledge-based Land Survey of Urban Habitations) कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य शहरी भूमि रिकार्ड्स के निर्माण और प्रबंधन में क्रांति लाना है। साथ ही शहरी भूमि रिकार्ड्स के लिये एक सटीक और व्यापक भू-स्थानिक डाटाबेस तैयार करना है। यह कार्यक्रम हवाई और जमीनी सर्वेक्षणों को उन्नत जीआईएस तकनीक के साथ जुड़कर भूमि प्रशासन को बेहतर बनायेगा। संपत्ति स्वामित्व रिकार्ड्स को आसान करेंगा और शहरी योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करेगा। सटीक भू-स्थानिक डेटा से निर्णय लेने की प्रक्रिया बेहतर होगी, भूमि उपयोग योजना अधिक प्रभावी बनेगी और संपत्ति से जुड़े लेन-देन आसानी से किये जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ड्रोन की उड़ान के साथ 18 फरवरी को रायसेन जिले से “नक्शा” कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। साथ ही प्रदेश में “वाटरशेड यात्रा” को हरी झण्डी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा भी कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह में शामिल होंगे। “नक्शा” कार्यक्रम को देश के 152 नगरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के 9 जिलों के 10 नगर (शाहगंज, छनेरा, अलीराजपुर, देपालपुर, धार कोठी, मेघनगर, माखन नगर (बाबई), विदिशा, सांची, उन्हेल) भी शामिल हैं।

आयुक्त भू-अभिलेख श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि “नक्शा” कार्यक्रम, भूमि संसाधन विभाग केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल है। इसका प्रमुख उद्देश्य उन्नत जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके शहरी भूमि सर्वेक्षण को आधुनिक बनाना है। यह कार्यक्रम नगरीय भू -प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, कुशल और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“नक्शा” कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ

“नक्शा” कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शहरी क्षेत्रों के लिए भू-स्थानिक मैपिंग करना, आधुनिक भूमि सर्वेक्षण तकनीकों का प्रयोग करना है। इससे आदलती मामलों, कानूनी दस्तावेजीकरण और ऐतिहासिक भूमि डाटा विश्लेषण में सहायता मिलेगी। त्वरित और अधिक प्रभावी शहरी योजना में सटीक भूमि डेटा से बेहतर जोनिंग, बुनियादी ढांचे के विकास और शहरी विस्तार में न्यूनतम देरी होगी, परिवहन योजना आवासीय परियोजनाओं और सतत् शहरी विकास में सहायता मिलेगी। आपदा प्रबंधन योजना को अधिक प्रभावी बनायेगा। प्रापर्टी टेक्स कलेक्शन में सुधार और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। साथ ही संपत्ति लेन-देन और ऋण प्राप्ति को सरल बनायेगा। “नक्शा” कार्यक्रम से पारदर्शिता और शासन में सुधार होगा इसमें रियल टाइम, शुलभ डिजिटल प्रणाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगायेगी और शहरी भूमि प्रबंधन में जनता का विश्वास बढ़ायेगी। इसके साथ ही “नक्शा” कार्यक्रम के क्रियान्वयन से रियल स्टेट और बुनियादी ढांचा को बढ़ावा मिलेगा।

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