मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामाजिक सरोकार, समरसता और सादगी का उदाहरण देते हुए अपने छोटे पुत्र का पाणिग्रहण संस्कार उज्जैन में हुए सामूहिक विवाह समारोह के दौरान संपन्न कराया। इस समारोह का आयोजन योग गुरू स्वामी रामदेव ने किया, जिसमें 21 दंपतियों ने एक साथ विवाह संस्कार किया। स्वामी रामदेव ने इसे ‘डेस्टिनेशन’ नहीं बल्कि ‘डिवाइन मैरिज’ बताया। उन्होंने कहा कि मोहन यादव पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने ऐसा कदम उठाकर शादियों में होने वाले दिखावे और अपव्यय के खिलाफ मिसाल कायम की। इस पहल से मध्यम व निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों को प्रोत्साहन मिलेगा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री का यह कदम ‛सबका साथ-सबका विकास’ की भावना को साकार करता है।

