बेंगलुरु की सड़क पर 34 वर्षीय युवक को कार्डियक अरेस्ट आया। दर्द से तड़पते युवक के लिए उसकी पत्नी ने राहगीरों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई मदद को नहीं रुका। समय पर एंबुलेंस न मिलने और लोगों की संवेदनहीनता के कारण पत्नी ने घायल पति को खुद अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही युवक की मौत हो गई। यह घटना समाज की संवेदनहीनता की शर्मनाक तस्वीर पेश करती है।
