विषाणु संक्रमण प्रतिरोध अभ्यास 2.0 के तहत जिले में अलर्ट, कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश
संक्रामक रोगों के संभावित प्रकोप से निपटने के लिए जिले में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जैसवाल ने विषाणु संक्रमण प्रतिरोध अभ्यास 2.0 के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के आईडीएसपी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जारी आदेशों में कहा गया है कि जिले में किसी भी प्रकार की असामान्य स्वास्थ्य घटना की तुरंत सूचना दी जाए और बिना देरी जांच व प्रबंधन किया जाए। इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, बीएमओ, सीएचसी प्रभारी तथा जिला और ब्लॉक स्तर की रैपिड रिस्पांस टीम को अलर्ट पर रखा गया है।
कलेक्टर ने आउटब्रेक की स्थिति में 12 चरणों की जांच प्रक्रिया का पालन अनिवार्य किया है, जिसमें फील्ड सर्वे, केस पहचान, जांच, विश्लेषण, नियंत्रण उपाय, निगरानी और रिपोर्टिंग शामिल है। इसके साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम के गठन, मरीजों के आइसोलेशन, लैब सैंपल की सुरक्षित जांच, रेफरल सिस्टम, स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण और पीपीई के सही उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है।
इसके अलावा वेस्ट मैनेजमेंट, निरंतर सर्विलांस और मीडिया को केवल अधिकृत नोडल अधिकारी के माध्यम से ही जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी इन निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे, ताकि जिले में किसी भी संक्रामक बीमारी को समय रहते रोका जा सके।
