झारखंड के लोहरदगा जिले में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद दो प्रमुख ट्रेनें — राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस — इस पुल से गुजर चुकी थीं। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों को पुल में आई गड़बड़ी का पता चला।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने तुरंत सतर्कता बरती और रांची से लोहरदगा आ रही मेमू पैसेंजर ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया। इस फैसले से ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल के कुछ हिस्सों में दरारें और संरचनात्मक कमजोरी देखी गई है। अगर मेमू ट्रेन को समय रहते नहीं रोका जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने पुल से सभी ट्रेनों की आवाजाही तत्काल रोक दी है और तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर स्ट्रक्चरल जांच कराई जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों और ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है।
इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इतनी बड़ी ट्रेनों के गुजरने के बाद खतरे का पता चलना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।

