अन्य

मंगुभाई पटेल ने कहा — मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास

मंगुभाई पटेल ने कहा — मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना प्रदेश के सबसे गरीब और अति पिछड़े जनजातीय परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने का महत्वपूर्ण उपक्रम है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में गरीब हितग्राहियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जाएगी।

राज्यपाल मंगलवार को लोकभवन में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।

बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से बैगा, भारिया और सहरिया जैसी अति पिछड़ी पीवीटीजी (PVTG) जनजातियों के कल्याण के लिए लागू की गई है। उन्होंने योजना की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी ऐसे जिलों को योजना के दायरे में लाया जाए जहां पीवीटीजी जनजातीय आबादी निवास करती है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत पशुओं के वितरण की सामुदायिक निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। दुग्ध समितियों और संघों के माध्यम से हर माह तीन निश्चित तिथियों पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही दूध के मूल्य में 2 रुपये से लेकर 8.50 रुपये तक की वृद्धि की गई है।

योजना में किए गए संशोधनों के तहत मिल्क रूट और परिवहन सुविधा वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी, हालांकि आवश्यकता के अनुसार अन्य गांवों के हितग्राहियों को भी लाभ दिया जा सकेगा। चयनित हितग्राहियों को पशु वितरण से पहले तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा और वितरण के बाद 21 दिन, तीन माह और छह माह पर उनकी समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही पहले चरण में हितग्राही से अंशदान राशि लेकर एक ही दुधारू पशु दिया जाएगा। यदि तीन माह बाद पहले पशु का रखरखाव संतोषजनक पाया जाता है, तभी हितग्राही को दूसरा पशु प्रदान किया जाएगा।

Related posts

UP: मंगलसूत्र लूटने वाले 3 लुटेरे गिरफ्तार, थाने से लंगड़ाते हुए जेल गए

khabarsamayper

छतरपुर पुलिस का ‘समर्थ प्रशिक्षण अभियान’ जारी, अनुसंधानकर्ता अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

khabarsamayper

फरार आरोपियों पर शिकंजा: छतरपुर पुलिस ने घोषित किए इनाम, कई बदमाश गिरफ्तार

khabarsamayper

Leave a Comment