मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मनुष्य के हाथ में न जन्म लेना है और न ही शरीर छोड़ना। उन्होंने महावीर स्वामी के त्याग और सत्कर्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में समाज और व्यवस्था दोनों आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें मिले समय में सत्कर्म करते हुए समाज और संसार में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए। उन्होंने सभी जीवों के साथ आनंदपूर्वक रहने और प्रत्येक प्राणी के प्रति दया एवं करुणा का भाव रखने का संदेश दिया।
