सागर जिले में वेवस नदी के टापू पर फंसे 5 लोग, पुलिस और एसडीआरएफ ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू
सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब चौका गांव के पांच लोग वेवस नदी के टापू पर फंस गए। इन लोगों में तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल थे, जो पिकनिक मनाने के लिए टापू पर गए थे। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और ये लोग वहां फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पिकनिक के दौरान अचानक बढ़ा पानी
रविवार की दोपहर चौका गांव के ये पांच लोग पिकनिक मनाने के लिए वेवस नदी के टापू पर गए थे। शुरू में मौसम साफ था और नदी का जलस्तर सामान्य था, लेकिन अचानक हुई भारी बारिश के कारण नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा। इससे पहले कि वे लोग समझ पाते, टापू पूरी तरह से पानी से घिर गया और वे वहां फंस गए। वे किसी भी तरह से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं थे, क्योंकि तेज धाराओं के बीच से बाहर आना बहुत ही खतरनाक था।
स्थानीय लोगों ने दी पुलिस को सूचना
जब स्थानीय ग्रामीणों ने टापू पर फंसे लोगों को देखा, तो उन्होंने तुरंत बंडा थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एसडीआरएफ की टीम को सूचित किया। एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाले गए लोग
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मिलकर तीन घंटे तक लगातार कोशिश की और आखिरकार पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम ने रेस्क्यू के दौरान रस्सियों और बोट का इस्तेमाल किया, ताकि लोगों को सुरक्षित नदी के किनारे लाया जा सके। सभी पांचों लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई है। बचाव दल ने यह सुनिश्चित किया कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से तसल्ली मिले।
प्रशासन की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। प्रशासन ने खासकर वेवस नदी और अन्य जलस्रोतों के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्थानीय नागरिकों को सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई के कारण इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, और सभी लोग सुरक्षित अपने घर वापस लौट सके।
