छतरपुर। आम आदमी पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश में अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे गए हैं लेकिन सर्वे के आधार पर जिन नेताओं को टिकट दिया गया है उनमें से अधिकांश प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके पास जनाधार की कमी है। छतरपुर विधानसभा के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. बीपी चंसौरिया का प्रत्याशी बनना लगभग तय था और छतरपुर के कार्यकर्ता भी पूरे जोश के साथ उनके साथ लेकिन ऐन वक्त पर पार्टी ने प्रत्याशी के रूप में भागीरथ पटेल के नाम की घोषणा कर दी जिससे आम आदमी पार्टी में बिखराव देखने को मिल रहा है। पार्टी अपनों को मनाने में नाकाम साबित हुई है और अब आम आदमी पार्टी तथा उनके प्रत्याशी भागीरथ पटेल के लिए बीपी चंसौरिया सिर दर्द बन चुके हैं। दरअसल श्री चंसौरिया ने आप को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है और अब वे साइकिल के चिन्ह को लेकर चुनाव मैदान में उतरे हैं, जो कि आम आदमी पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। आम लोगों का कहना है कि पार्टी के इस फैसले से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भागीरथ पटेल की हार सुनिश्चित होते दिख रही है और भागीरथ पटेल के कदम लगातार हार की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं आदमी पार्टी के प्रत्याशी भागीरथ पटेल के पास जनाधार की भी कमी है तथा पार्टी के कार्यकर्ता भी उनके साथ नहीं हैं।
//पार्टी के फंड पर रुतबा दिखा रहे भागीरथ पटेल//
विधानसभा छतरपुर से आम आदमी पार्टी के टिकिट पर मैदान में उतरे भागीरथ पटेल द्वारा आचार संहित का उल्लंघन किया जा रहा है। कुछ दिन पहले जब उनके द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया तो उसमें खुले आम नियमों का उल्लंघन हुआ, जिसके लिए उनके विरुद्ध मामला भी दर्ज किया गया था। उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के द्वारा बहुत कम समय में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त किया गया है और दिल्ली तथा पंजाब प्रांत में आम आदमी पार्टी की वर्तमान में सरकार है, जिसके बाद अब आम आदमी पार्टी का ध्यान मध्यप्रदेश की ओर है लेकिन छतरपुर जिस तरह से निष्क्रिय प्रत्याशी को पार्टी ने टिकिट दिया है उससे पार्टी की सरकार बनाने की मंशा पूरी होते नहीं दिख रही है। दरअसल आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भागीरथ पटेल ने बीते समय में न तो जनता के बीच अपनी पहुंच बनाई और न ही कोई ऐसा काम किया जिससे कि जनता उन्हें विधायक पद देने की बात सोचे। इसके बाद भी पार्टी ने उन्हें टिकिट दे दी जिसके चलते आम आदमी पार्टी के हाथ से छतरपुर सीट जाती दिख रही है। भागीरथ पटेल को क्षेत्र की जनता पहचानने से भी इंकार कर रही है l क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हमने कभी न तो चेहरा देखा और न ही हम उनको जानते हैं, ऐसे में हम डनहें वोट क्यों देंगे। इसके अलावा भागीरथ पटेल द्वारा आचार सहिंता का उल्लंघन भी किया गया जिसके चलते उन पर मामला भी दर्ज हो चुका है। सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी उम्मीदवार को फंड दे रही है और यही फंड पाकर भागीरथ पटेल रुतबा झाड़ रहे हैं। वास्तविकता यह है कि विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भागीरथ पटेल की जमानत जप्त होने के आसार हैं l

