बिहार चुनाव के तुरंत बाद पटना के राजेंद्र नगर स्टेशन पर राज्य से बाहर काम के लिए जाने को मजबूर श्रमिकों की लंबी कतारें फिर दिखाई देने लगी हैं। पलायन पर रोक लगाने के वादे 20 साल से किए जा रहे हैं, लेकिन हालात नहीं बदले। लोगों की पीड़ा वही है—“रोज़गार नहीं, तो पलायन कैसे रुके?”
