कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए चलित पशु चिकित्सा इकाई द्वारा प्रदाय सेवाओं, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि दुधारू नस्ल को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को चिन्हित कर गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम गर्भाधान कराया जाए।
कलेक्टर ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुर्गी पालन को प्रोत्साहित करने तथा 15,000 पशुओं पर एक पशु अस्पताल और 10,000 पशुओं पर एक डिस्पेंसरी के प्रस्ताव भेजने को कहा।

