Breaking Newsविविध

छतरपुर पुलिस की सतर्क पहल: नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के कियोस्क सेंटरों पर की गई व्यापक जांच

छतरपुर पुलिस द्वारा जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कियोस्क बैंक सेंटरों की सघन जांच की गई। इस कार्रवाई का उद्देश्य वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता सुनिश्चित करना, ग्राहकों की गोपनीय जानकारी की सुरक्षा करना तथा धोखाधड़ी की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना रहा।कियोस्क बैंकिंग व्यवस्था में अक्सर साइबर धोखाधड़ी एवं ग्राहक डेटा लीक जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं। ऐसे में पुलिस का यह निरीक्षण अभियान संवेदनशील डेटा की सुरक्षा, तथा ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम है। संदेहास्पद गतिविधियों या व्यवस्था में कमी पाए जाने पर संबंधित कियोस्क संचालकों को सतर्क किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

छतरपुर पुलिस ने कियोस्क संचालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि:

  • ग्राहक के आधार या बायोमेट्रिक विवरणों के उपयोग में सावधानी बरतें।

  • लेन-देन से संबंधित हर प्रक्रिया की रिकॉर्डिंगडॉक्युमेंटेशन अनिवार्य रूप से रखें।

  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत निकटतम थाने को सूचित करें।

  • साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया गया कि यदि कोई व्यक्ति संदेहास्पद प्रतीत होता है – जैसे बाहरी राज्य का हो, कम उम्र का है, अत्यधिक राशि निकालता हो – तो ऐसी स्थिति में क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है, इसकी जानकारी भी संचालकों से प्राप्त की गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी खाते में फ्रॉड की राशि आने पर खाते को होल्ड करने की प्रक्रिया की जाएगी।
    हर कियोस्क सेंटर पर संबंधित थाने का संपर्क नंबर और सूचना देने की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से चस्पा करवाई जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचाई जा सके। छतरपुर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि यदि उन्हें किसी भी कियोस्क सेंटर में असामान्य गतिविधि नजर आए तो तत्काल छतरपुर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 7049101021, स्थानीय थाना को सूचित करें।

Related posts

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को सपत्नीक नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी प्रवास पर पहुंचे। पचमढ़ी से लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बारिआम गांव में सड़क किनारे टोकरी में रखकर आम बेच रहीं महिलाओं और बच्चों को देखकर अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री ने आम बेच रहीं सभी महिलाओं से आत्मीय संवाद किया। पूछा – रोज कितने के आम बेच लेती हो ? मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर आम विक्रेता श्रीमती बसंती टेकाम की खुशी का ठिकाना न रहा, उसने प्रफुल्लित होकर बताया कि सर, रोज सुबह से शाम यहां बैठते हैं, तो 400 से 500 रूपए के आम बिक ही जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समीप ही खड़ी श्रीमती बसंती की बेटी को देखकर पूछा – क्या ये बिटिया स्कूल जाती है ? महिला ने कहा कि हां सर, सीएम राइज स्कूल में पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने हर्ष जताकर कहा कि अरे बिटिया, अब उसका नाम सांदीपनि विद्यालय हो गया है। मुख्यमंत्री ने यहां आम बेच रहीं सभी महिलाओं से आम खरीदे और खुद भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव ने महिलाओं से खरीदे हुए आम वहां एकत्रित सभी नन्हे-मुन्ने बच्चों में स्नेहपूर्वक वितरित कर दिए। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों से भी बाल सुलभ संवाद किया और पूछा क्या नाम है, स्कूल जाते हो ? तो बच्चों में से उमेश, साक्षी और रिया ने कहा जी सर। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी बच्चों को रोज स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने की मनुहार की।

khabarsamayper

छतरपुर बस स्टैंड पर सरेआम मारपीट, बस कर्मचारी पर हमला करने का आरोप

khabarsamayper

स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मिला पीएमएफएमई योजना पर प्रशिक्षण

khabarsamayper

Leave a Comment