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जन्म-मृत्यु पंजीकरण के संशोधित अधिनियम एवं सीआरसी रिवम्पेड पोर्टल का दिया गया प्रशिक्षण —-

जन्म-मृत्यु पंजीकरण के संशोधित अधिनियम एवं सीआरसी रिवम्पेड पोर्टल का दिया गया प्रशिक्षण
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कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशन में जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय छतरपुर द्वारा को जन्म-मृत्यु पंजीयन के संबंध में जन्म-मृत्यु संशोधन अधिनियम 2023 एवं सीआरसी रिवम्पेड पोर्टल के विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के उद्घाटन में जिला योजना अधिकारी अल्का मिश्रा एवं जन्म मृत्यु पंजीयन कार्य करने वाली इकाइयों के रजिस्ट्रार उपस्थित थे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय मध्य प्रदेश भोपाल से प्रेमा नायर सहायक निदेशक एवं उनके सहयोगी अभिषेक ठाकुर सांख्यिकीय अन्वेषक के द्वारा जन्म मृत्यु संशोधन अधिनियम 2023 एवं सीआरसी रिवम्पेड पोर्टल पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के समस्त शासकीय चिकित्सा संस्थानों के रजिस्ट्रार उनके सहयोगी समस्त नगरीय निकायों के रजिस्ट्रार एवं उनके सहयोगी एवं कुछ प्राइवेट चिकिसालयों के सूचनादाता मौजूद रहे। इनके साथ संशोधित अधिनियम 2023 एवं सीआरसी रिवम्पेड पोर्टल पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिनियम लागू होने पर 11 अगस्त 2023 के बाद पैदा हुए बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। जो बच्चे से संबंधित बनाए जाने वाले अन्य दस्तावेजों जैसे आधार, पैन, स्कूल में प्रवेश, मतदाता सूची का अद्यतन, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी नौकरियों में ज्वाइनिंग एवं अन्य नागरिक सुविधाओं को प्राप्त करने का एक मात्र प्रमाण पत्र होगा। साथ ही यह जन्म प्रमाण-पत्र जन्म तिथि एवं जन्म स्थान का एकल वैधानिक दस्तावेज होगा। इसी प्रकार चिकित्सा संस्थानों में हुई प्रत्येक मृत्यु का मृत्यु के कारणों का चिकित्सीय प्रमाणीकरण संबंधित संस्थान के चिकित्सक द्वारा दिया जाना अनिवार्य होगा। उसकी एक प्रति संबंधित रजिस्ट्रार एवं दूसरी प्रति निकटतम संबंधी को निःशुल्क दिया जाएगा। सीआरसी रिवम्पेड पोर्टल में आम नागरिकों द्वारा मोबाइल ओटीपी के माध्यम से जन्म मृत्यु की सूचना घटित घटना के स्थान से संबंधित रजिस्ट्रार को ऑनलाइन प्रेषित की जा सकेगी एवं रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापन कर प्रमाण पत्र जारी किया जा सकेगा, जो सूचनादाता द्वारा उल्लेखित ईमेल आईडी पर प्राप्त हो जाएगा एवं कभी भी डाउनलोड किया जा सकेगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सभी के मंगलमय और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन के 16 संस्कारों में से पाणिग्रहण संस्कार गृहस्थ जीवन में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण संस्कार है। इसमें 7 फेरों से 7 वचनों को पूरा कर सात जन्मों तक बंधन में बंधते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों को विवाह और निकाह की बधाई देते हुए सभी के जीवन में खुशियों की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव झाबुआ में सामुहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में 11 जोड़ों को प्रतीकात्मक रूप से 49-49 हजार की राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले के निवासियों को सौगात देते हुए कहा कि राणापुर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या के निराकरण के लिए भांडाखेड़ा बैराज, नागन खेड़ी, गलती, छायण, झालरवा, बुदाशाला और कल्लीपुरा में बैराज बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध झाबुआ में मेडिकल कॉलेज भी बनाया जायेगा। झाबुआ के विकास के लिये सभी कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी वर्गों का विकास समाहित है। किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप सबका साथ लेकर सबका विकास किया जायेगा, जिसमें सबके प्रयास और सबका विश्वास शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण के लिये राशि प्रदान की जा रही है। किसानों का गेहूँ 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जित किया जा रहा है। धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जा रहे हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूटी और लेपटॉप प्रदाय किये जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में बेटियों को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में आयोजित लगभग 2000 जोड़ों के सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर मन आनंदित हो गया हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जिले के लिए सौभाग्य है कि इतना विशाल विवाह समारोह आयोजित हुआ और जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर बहनों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रूप से स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री सुश्री भूरिया ने जनजातीय परम्परा के अनुरूप जनजातीय जैकेट “झूलड़ी” पहनाकर, साफा बांधकर एवं तीर कमान भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त झाबुआ के तहत मोटी आई कैम्पैन, मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन गलसन माला, गुड्डा गुड्डी, तीर कमान, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अंतर्गत जिले में उत्पादित टमाटर एवं टमाटर से बने उत्पाद जैसे टमाटर पाउडर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग श्री अन्न फसल एवं जैविक उत्पाद, नगर पालिका परिषद झाबुआ द्वारा वेस्ट टु वेल्थ प्रोजेक्ट अंतर्गत तैयार किये गये डस्टबिन एवं गमले प्रदर्शित किये गये। सम्मेलन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता चौहान, संभागायुक्त इंदौर श्री दीपक सिंह, आईजी श्री अनुराग, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री पद्म विलोचन शुक्ल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

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