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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमीदिया अस्पताल में कार्बाइड गन प्रभावितों से मिले — समुचित इलाज और आर्थिक सहायता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल पहुंचकर कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों और नागरिकों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने ब्लॉक-2 की 11वीं मंजिल स्थित नेत्र रोग वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना और चिकित्सा विशेषज्ञों से इलाज की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के अन्य जिलों में भी कार्बाइड गन से प्रभावितों को तत्काल और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग ऐसे मामलों की सतत मॉनीटरिंग करे, और कार्बाइड गन के निर्माण एवं विक्रय पर रोक लगाने के लिए थाना स्तर पर छापामारी व जांच कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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“शक्ति दीदी” के रूप में पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का काम कर रहीं महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर तो बनी ही हैं, उनका आत्म बल व आत्म सम्मान भी बढ़ गया है। यह कहना है काल्पीब्रिज के समीप स्थित गणेश पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं शक्ति दीदी श्रीमती लता राजौरिया का। लता जैसी जिले की 35 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी के रूप में ग्वालियर शहर, डबरा व भितरवार स्थित पेट्रोल पंपों पर सफलतापूर्वक फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप ग्वालियर जिले में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “शक्ति दीदी” योजना शुरू की है। जिसके तहत ऐसी महिलाओं को शक्ति दीदी बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी दिलाई जा रही है जो जरूरतमंद हैं, अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। शक्ति दीदी के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं महिलायें कहती हैं कि अब हमें छोटी-मोटी जरूरतों के लिये किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते। हमें सरकार की लाड़ली बहना योजना व नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम का लाभ भी मिल रहा है। इससे हमारे परिवार के दिन अब अच्छे से गुजर रहे हैं। महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में काम करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक का इनका ड्यूटी टाइम निर्धारित कराया गया है। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं उन पर पुलिस द्वारा लगातार गश्त किया जाता है। साथ ही एक वॉट्सएप ग्रुप भी तैयार कराया गया है, जिस पर शक्ति दीदियों के साथ-साथ संबंधित पुलिस थाना, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं पेट्रोल पंपों के संचालकों के नाम जुड़े हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी भी शक्ति दीदियों का हालचाल जानने नियमित रूप से पेट्रोल पंपों पर पहुँचते हैं। जिन पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी काम कर रही हैं, वहाँ सकारात्मक माहौल बना है। पेट्रोल पंप संचालक कहते हैं कि छोटी-मोटी बातों को लेकर उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाला मुँहवाद अब नहीं होता। शक्ति दीदियों को मासिक मानदेय के रूप में 8 हजार रूपए मिलते हैं। साथ ही कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल की बिक्री पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। इससे सभी शक्ति दीदी मन लगाकर काम करती हैं। लता व कुसुमा कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने हम सब लोगों को आर्थिक व मानसिक रूप से सशक्त बना दिया है।

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