Breaking News

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 फरवरी को प्रात: 10:30 बजे राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र बरखेड़ी कलां, भोपाल में जैविक खेती पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 फरवरी को प्रात: 10:30 बजे राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र बरखेड़ी कलां, भोपाल में जैविक खेती पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना भी उपस्थित रहेंगे।

वर्तमान खेती में रासायनिक उर्वरकों, खरपतवार नाशकों एवं कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग के कारण भूमि एवं वातावरण में हानिकारक तत्वों की मात्रा में बढ़ोतरी हो रही है, जिसके कारण पर्यावरण, मृदा उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पर्यावरण और उपभोक्ता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये कृषि में रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिये जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। इस उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यशाला में जैविक कपास, फल एवं सब्जियां एवं अन्य फसलों के लिए जैविक खेती पद्धति एवं उत्पादों की मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की जायेगी। साथ ही प्रदेश के विकास के लिए रणनीति तैयार की जायेगी। कार्यशाला में केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एफ.पी.ओ. एवं जैविक खेती के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

प्रदेश में 11 एग्रो क्लाईमेटिक जोन में विभिन्न फसलों की व्यापक क्षेत्र में खेती की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, स्वस्थ खाद्य उत्पाद एवं बाजार मांग के दृष्टिकोण से व्यापक क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की संभावनाएं हैं। प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर व्यवहारिक कार्ययोजना, नीति तैयार करने, कॉमन संस्थात्मक प्लेटफार्म विकसित करने और प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक परिदृश्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिये उपयोगी होगी।

Related posts

छतरपुर: हत्या के प्रयास के मामले में 2 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 4 पर पुलिस की कार्रवाई

khabarsamayper

छतरपुर में हादसे में 2 महिलाओं की मौत: बमीठा में पानी के टैंक में गिरी गर्भवती महिला, बिजावर में नवविवाहिता कुएं में गिरी

Admin

लोक संस्कृति का संरक्षण और प्रोत्साहन समाज का दायित्व है। जनजातीय समुदाय की सतत आजीविका के लिए राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय

khabarsamayper

Leave a Comment