मंडला10 मिनट पहले
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हड़ताल पर बैठे लैब टेक्नीशियनों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखा है। उनका कहना है कि अब देखना है शासन पर इसका क्या असर पड़ता है। दरअसल, लैब टेक्नीशियन अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 8 दिन से हड़ताल पर हैं, जिनके द्वारा काम बंद कर अपनी मांगें मनवाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉक्टर नहीं दे रहे जांच की सलाह
हड़ताल पर बैठे लैब टेक्नीशियनों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि सभी तथ्य शासन प्रशासन द्वारा जानबूझकर छुपाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा चिकित्सकों को मरीजों की कम से कम जांच करने की सलाह दी जा रही है। ऐसी स्थिति में 70 से 80 प्रतिशत मरीजों की जांच ही नहीं हो पा रही है।
मांगों का हो उचित एवं त्वरित निराकरण
पूरे सेवाकाल में शासन की उपेक्षा के चलते लैब टेक्नीशियन संगठन द्वारा पहली बार हड़ताल करने को शासन द्वारा मजबूर किया है। उन्होंने शासन से पुनः अनुरोध है कि जायज मांगों का उचित एवं त्वरित निराकरण करें। जिससे मरीजों को सही समय पर उचित इलाज एवं जांच की सुविधा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि मांगों को पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान संघ के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।
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