उज्जैन जिले के ग्राम ब्रजराजखेड़ी में नीलगायों को पकड़कर स्थानांतरित करने के अभियान के पहले ऑपरेशन में वन विभाग को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। दक्षिण अफ्रीकी बोमा तकनीक और हेलीकॉप्टर की मदद से नीलगायों के झुंडों को फनल तक पहुंचाया गया, लेकिन ज्यादातर नीलगायें वापस खुले क्षेत्र की ओर लौट गईं। पहले दिन केवल एक नर और एक मादा सहित दो नीलगाय पकड़ी गईं, जिन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गांधीसागर अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
