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श्री प्रल्हाद जोशी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आपूर्ति श्रृंखला के अनुकूलन उपकरण ‘अन्न चक्र’ और स्कैन (एनएफएसए के लिए सब्सिडी दावा आवेदन) पोर्टल का शुभारंभ किया

श्री प्रल्हाद जोशी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आपूर्ति श्रृंखला के अनुकूलन उपकरण ‘अन्न चक्र’ और स्कैन (एनएफएसए के लिए सब्सिडी दावा आवेदन) पोर्टल का शुभारंभ किया

दक्षता में सुधार, लागत कम करने और आवश्यक वस्तुओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता हेतु पीडीएस आपूर्ति श्रृंखला का अनुकूलन

स्कैन पोर्टल सब्सिडी दावों को एकल खिड़की में प्रस्तुत करने की अनुमति देता है और त्वरित निपटान प्रक्रिया की सुविधा प्रदान करता है

केन्द्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री  श्री प्रल्हाद जोशी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन उपकरण ‘अन्न चक्र’ और स्कैन (एनएफएसए के लिए सब्सिडी दावा आवेदन) पोर्टल का  शुभारंभ किया, जोकि राज्यों की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सब्सिडी दावा तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा संचालित “अन्न चक्र” पीडीएस आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन, देश भर में पीडीएस लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की दक्षता बढ़ाने से संबंधित एक ऐतिहासिक पहल है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी), आईआईटी-दिल्ली के सहयोग से विकसित, यह परियोजना अधिकतम विकल्पों की पहचान करने और आपूर्ति श्रृंखला नोड्स में खाद्यान्न की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उन्नत एल्गोरिदम का लाभ उठाती है। इस पैमाने के संचालन में एक जटिल आपूर्ति श्रृंखला शामिल है, जो किसानों से लेकर उचित मूल्य की दुकानों तक कई हितधारकों पर निर्भर है। यह पहलू इस पहल को अनूठा बनाता है, जो 81 करोड़ लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा संजाल प्रदान करने वाले दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम की गति और दक्षता में सुधार करने में मदद करती है। ईंधन की खपत, समय और लॉजिस्टिक्स संबंधी लागत में कमी लाने वाले सुव्यवस्थित वितरण मार्गों के माध्यम से बेहतर दक्षता और लागत की बचत के अलावा, यह पहल परिवहन-संबंधी उत्सर्जन में कमी के कारण कम कार्बन उत्सर्जन के पर्यावरणीय लाभ भी प्रदान करती है।

मार्ग अनुकूलन मूल्यांकन 30 राज्यों के लिए किया गया है और इसके परिणाम लागत में लगभग प्रति वर्ष 250 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत के साथ जबरदस्त आशा जगाते हैं। क्यूकेएम (मात्रा क्विंटल में x दूरी किलोमीटर में), जो कि इस पूरी कवायद का उद्देश्यात्मक कार्य है, में 58 करोड़ की कमी की गई है।  इस कवायद में 4.37 लाख उचित मूल्य की दुकानों और पीडीएस आपूर्ति श्रृंखला के लगभग 6700 गोदामों को शामिल किया गया है। अंतरराज्यीय मार्ग अनुकूलन उपकरण राज्यों के बीच पीडीएस संबंधी आवाजाही के अनुकूलन के लिए विकसित किया गया है और इसे यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) के माध्यम से रेलवे के एफओआईएस (फ्रेट ऑपरेशंस इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है।  इस प्रयास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के साथ अनुकूलन उपकरण का एकीकरण है, जिसमें अब विभिन्न राज्यों में स्थित एफपीएस और गोदामों के भू-अवस्थिति उपलब्ध हैं।

स्कैन (एनएफएसए के लिए सब्सिडी दावा आवेदन) पोर्टल राज्यों द्वारा सब्सिडी दावों को प्रस्तुत करने, दावे की जांच करने और त्वरित निपटान प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए डीएफपीडी द्वारा अनुमोदन के लिए एकल खिड़की प्रदान करेगा। यह पोर्टल नियम-आधारित प्रोसेसिंग का उपयोग करके खाद्य सब्सिडी जारी व निपटान करने हेतु सभी प्रक्रियाओं के शुरू से अंत तक के वर्कफ़्लो का स्वचालन सुनिश्चित करेगा।

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