छतरपुर की अंजू अवस्थी पिछले 7 सालों से विलुप्त हो रही गौरैया चिड़ियों को बचाने का काम कर रही हैं. उन्होंने अपने घर में 70 से ज्यादा घोंसले लगाए हैं और हरियाणा से खास घोंसले मंगवाती हैं. उनकी इस मुहिम से आसपास के लोग भी प्रेरित होकर गौरैया संरक्षण कर रहे हैं. वह सिर्फ विलुप्त हो रही गौरैया चिड़िया को बचाने में लगी हैं. उनके घर के हर कोने में जैसे आंगन, छत, बालकनी और यहां तक कि कमरे में भी छोटे- छोटे घोंसले टंगे हुए हैं. इन घोंसलों में गौरैया चिड़िया अब न सिर्फ आराम से रहती हैं, बल्कि अंडे भी देती हैं. वहीं पर उनके बच्चे पलते हैं.
