पार्षदों ने जनसुनवाई में नगरपालिका प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है, परिषद को गठित हुए 11 महीने हो चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों की लचर व्यवस्था के चलते वार्डों की हालत खराब बनी हुई है, न तो वार्डों में नियमित सफाई होती है। और न ही कचरा उठाया जाता है, साथ ही पार्षदों ने आरोप लगाया कि वार्डों के कर्मचारी भी नियुक्त नहीं किए गए हैं। और 25 – 25 लाख के टेंडर पास हुए थे वे भी अब तक नहीं खुले हैं। कॉंग्रेस पार्षद कीर्ति विश्वकर्मा ने बताया की नगरपालिका के 150 से ज्यादा सफाई कर्मियों को वार्डों में वितरित किए जाने की बजाय गैंग द्वारा चलाया जा रहा है जिससे ना तो समय पर सफाई होती है और पार्षदों को शर्म के मारे घर से निकलने में भी समस्या होती है, उनका कहना है कि 11 महीनों के बाद भी हम अपने वार्ड के लिए कुछ नहीं कर पाए हैं जिससे हमें जनता के बीच जाते हुए भी शर्म आती है, वार्डों में लाइट की उचित व्यवस्था नहीं होने से महिलाओ को रात के समय मे घर से निकलने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर संदीप G.R को ज्ञापन देने के साथ ही काँग्रेसी पार्षद नगरपालिका CMO ओमपाल सिंह भदौरिया से भी बहस करते नजर आए।

