जल गंगा संवर्धन अभियान विकास का आधार, भावी पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
छतरपुर/भोपाल:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का अभियान नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की मजबूत नींव है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का भी प्रयास है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान में राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में कहा कि भूजल स्रोतों के अत्यधिक दोहन, प्राचीन जल संरचनाओं के क्षरण और नदियों के घटते प्रवाह का प्रभाव समाज पर साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए इन समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
बैठक में वर्ष 2025 के अभियान की उपलब्धियों और वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, वहीं छतरपुर जिले के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर पार्थ जैसवाल और जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित अन्य अधिकारी भी वर्चुअल रूप से जुड़े।
जलग्रहण क्षेत्र में अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल संरचनाओं के जलग्रहण क्षेत्र पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही प्रदेश से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने और वहां सघन पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए।
सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ और शीतल पेयजल की उपलब्धता को सामाजिक दायित्व के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्याऊ लगाने की परंपरा को प्रोत्साहित किया जाएगा और प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग को हतोत्साहित किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री अभियान का नेतृत्व करेंगे, जबकि सांसद, विधायक, पंचायत और नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं और सीएसआर संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाकर अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी।
19 मार्च से शुरू होगा राज्य स्तरीय अभियान
बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से पूरे प्रदेश में शुरू होगा। इस दौरान जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जल संरचनाओं के संवर्धन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रमुख कार्यक्रम
23–24 मई: भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय जल सम्मेलन
25–26 मई: शिप्रा परिक्रमा यात्रा
26 मई: गंगा दशहरा पर उज्जैन में महादेव नदी कथा
30 मई–7 जून: भारत भवन भोपाल में सदानीरा समागम
अभियान के तहत रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, खेत तालाब, अमृत सरोवर, नालों की सफाई, पौधरोपण और जल संरचनाओं के संरक्षण जैसे हजारों कार्य किए जाएंगे। साथ ही युवाओं को ‘अमृत मित्र’ बनाकर उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
