जिला दण्डाधिकारी ने मत्स्याखेट, मत्स्य परिवहन एवं मत्स्य विपणन पर 15 अगस्त तक लगाया प्रतिबंध
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मध्य प्रदेश मत्स्यद्योग विकास एवं मत्स्य संरक्षण हेतु मध्य प्रदेश मत्स्योद्योग अधिनियम 1948 कि धारा-3 के अंतर्गत नदीय नियम 1972 कि धारा-3 की उपधारा (2) के तहत मत्स्य प्रजनन काल 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि बंद ऋतु घोषित की गयी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी छतरपुर श्री संदीप जी.आर. ने छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी से नही है और जो निदिष्ट जल की परिभाषा के अंतर्गत नही लाया गया है। को छोड़कर समस्त नदियों एवं जलाशयों में बंद ऋतु में मत्स्याखेट, मत्स्य परिवहन, एवं मत्स्य विपणन पर 15 अगस्त तक पूर्णतः प्रतिबंधित लगाया है। उलंघन करने और दोष सिद्ध होने पर एक वर्ष का करावास या पांच हज़ार रुपए या दोनो से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। इस अवधि में किसी भी प्रकार का मत्स्याखेट, मत्स्य विक्रय, मत्स्य परिवहन न तो स्वयं करें और न ही इस कार्य में अन्य को सहयोग दे।

