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जीवित व्यक्ति का बन गया मृत्यु प्रमाण पत्र, हर महीने आ रही वृद्धा पेंशन।

छतरपुर जिले के ग्राम पारवा की एक अनोखी घटना सामने आई है। पारवा गांव के रहने वाले बसंता अहिरवार जिन्हें उनके छोटे भाई ने मृत घोषित कर दिया और वह अपना मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर सरकारी दफ्तरों में यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वह जीवित है। मामला राजनगर तहसील के पारवा गांव का है|  वसंत अहिरवार वर्तमान में ग्राम करौली में रहते हैं क्योंकि उनके छोटे भाई ने उन्हें मारपीट कर वहां से भगा दिया है। छोटे भाई का नाम पंजाब हर बार है उसने जमीन हड़पने के लिए बसंता को बहुत समय पहले ही मृत घोषित कर दिया था और उसके सरकारी दस्तावेज भी बनवा लिए थे बसंत अहिरवार सीधा-साधा व्यक्ति है और उसे हाल ही में यह पता चला है कि सरकारी दस्तावेज में वह मर चुका है जबकि उसकी पेंशन हर महीने आती है और किसान सम्मान निधि का पैसा भी आता है। पंचा अहिरवार तो उसका भाई है उसने अपने बेटों के साथ मिलकर उसे मारा-पीटा और उसकी खड़ी फसल काट ली और उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं|  जान बचाने के लिए वह अपने दामाद के घर खर्रोही में रहते हैं ना तो उसकी कहीं सुनवाई हो रही है और ना ही कोई उसकी मदद करने को तैयार है | अब सवाल ही होता है आखिर यह मृत्यु प्रमाण पत्र बना कैसे इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

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