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ज्ञान के साथ नैतिकता, संवेदनशीलता और सेवा का भाव आवश्यक: राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि समग्र व्यक्तित्व के विकास के लिए ज्ञान के साथ-साथ नैतिकता संवेदनशीलता और सेवा का भाव होना भी आवश्यक है। जीवन में बड़ा बनना अच्छी बात है, लेकिन अच्छा होना उससे भी बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों के पूर्व छात्र और आचार्य शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक तथा मानव कल्याण से जुड़े पुनीत कार्यों में योगदान दे रहे हैं, जो विद्या भारती के संस्कारों का सुखद प्रतिफल है। विद्या भारती के पूर्व छात्रों ने विज्ञान, प्रशासन, शिक्षा, समाज सेवा और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।

राज्यपाल श्री पटेल विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित स्व. अर्चना शुक्ला स्मृति परीक्षाओं की तैयारी के संस्थान “समुत्कर्ष” के द्वितीय सत्र के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान प्रज्ञादीप, हर्षवर्धन नगर में किया गया। कार्यक्रम में विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के संगठन मंत्री श्री निखिलेश महेश्वरी और भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अध्यक्ष श्री बनवारी लाल सक्सेना मंचासीन थे।

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