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मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पर्व का उद्देश्य नागरिकों तक सुशासन का लाभ पहुँचाना और सेवाओं की रिस्पॉन्सिबल डिलीवरी सुनिश्चित करना है। इस अभियान की थीम ‘स्वच्छोत्सव’ और केंद्रीय विषय ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ होगा।
उन्होंने बताया कि 17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। एक पेड़ माँ के नाम और माँ की बगिया अभियान के तहत पौधरोपण किया जाएगा। साथ ही नमो पार्क, नमो बाग, नमो उपवन जैसे हरित प्रकल्प स्थापित होंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन, विकास मेले, प्रदर्शनी और विद्यार्थियों की प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन एवं कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे खुद जिलों का औचक निरीक्षण करेंगे और सीधे सेवा पर्व की गतिविधियों में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सेवा ही धर्म है और यही सरकार का मूल संकल्प है।
प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने बताया कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आदि कर्मयोगी अभियान और आदि सेवा पर्व भी आयोजित होंगे। जनजातीय बहुल गांवों में ग्राम विकास योजना तैयार कर 2 अक्टूबर को ग्राम सभा में अनुमोदन किया
